बीएनटी स्कूल के विद्यार्थियों ने तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया
बीएनटी संत मैरी स्कूल में अध्ययनरत 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने तीन दिवसीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण किया गया
गढ़वा. बीएनटी संत मैरी स्कूल में अध्ययनरत 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने तीन दिवसीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण किया गया. इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष से बाहर निकलकर इतिहास, भूगोल, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत के प्रत्यक्ष अनुभव से अवगत कराना था. इस शैक्षणिक यात्रा का गंतव्य पारसनाथ पहाड़ और गिरिडीह के शिखरजी टेंपल रहा, जो भारत के प्रमुख धार्मिक एवं प्राकृतिक तीर्थ स्थलों में से एक है. इस भ्रमण में विद्यालय के कक्षा 11 के कुल 38 छात्र-छात्राओं के साथ 5 शिक्षक-शिक्षिकाएं भी शामिल थे.संपूर्ण यात्रा विद्यालय के प्राचार्य अमित कुमार तिवारी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में अत्यंत अनुशासित, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई. भौगोलिक दृष्टि से पारसनाथ पहाड़ झारखंड राज्य की सबसे ऊंची पर्वत चोटी है, जिसकी ऊंचाई लगभग 1,365 मीटर है. यह क्षेत्र प्राचीन भू-आकृतिक संरचना का हिस्सा माना जाता है. तथा इसका भू-विकास हिमालय पर्वत शृंखला से संबंधित भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के प्रभावकारी चरणों से जुड़ा हुआ माना जाता है. इन तीन दिनों के दौरान विद्यार्थियों ने न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक विरासत का अनुभव किया, बल्कि स्थानीय पर्यावरण, वन-संपदा, जैव-विविधता तथा पर्वतीय जीवन शैली को भी नजदीक से देखने और समझने का अवसर प्राप्त किया. यहां उन्होंने न केवल आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया, बल्कि मंदिरों की वास्तुकला को भी बारीकी से देखा और समझा.जिसमें शिल्पकला, स्थापत्य-शैली, नक्काशी और संरचनात्मक संतुलन जैसे महत्वपूर्ण तत्वों का अवलोकन किया गया. प्राचार्य अमित कुमार तिवारी ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कक्षा-कक्ष से बाहर प्राप्त व्यावहारिक ज्ञान जीवन भर उनके व्यक्तित्व, नैतिकता, दृष्टिकोण और आत्मविश्वास को विकसित करता है. विद्यालय भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा.
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