आड़ा महुआ में मनाया गया नीलांबर-पीतांबर शहादत दिवस प्रतिनिधि, भंडरिया भंडरिया प्रखंड के आड़ा महुआ स्थित प्रतिमा स्थल पर शनिवार को स्वतंत्रता संग्राम के अमर वीर शहीद नीलांबर-पीतांबर का शहादत दिवस मनाया गया. खरवार आदिवासी एकता संघ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, ओडिशा और असम सहित विभिन्न राज्यों से आये अतिथियों व लोगों ने भाग लिया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह व विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के रामसेवक सिंह, बिहार के राजकुमार उर्फ राजू अघौरा, ओडिशा के सुखदेव सिंह, असम के नुरुल खरवार, रांची के डॉ बैध बंधन सिंह और राजस्थान के ओमप्रकाश बारवाल उपस्थित थे. इसके अलावा आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव पंकज तिवारी, भंडरिया प्रमुख रुक्मिणी कुमारी, उपप्रमुख श्रद्धा देवी आदि भी कार्यक्रम में शामिल हुए. सभी अतिथियों ने वीर शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. वक्ताओं ने अपने संबोधन में नीलांबर-पीतांबर के योगदान को याद करते हुए बताया कि दोनों वीर भाइयों ने गुरिल्ला युद्ध के माध्यम से अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर उन्हें कड़ी चुनौती दी थी. मुख्य अतिथि बृहस्पत सिंह ने कहा कि 1857 की क्रांति के दौरान, जहां देश के कई हिस्से जल्द ही कमजोर पड़ गये थे, वहीं पलामू क्षेत्र में नीलांबर-पीतांबर ने 1859 तक क्रांति की मशाल जलाये रखी. विशिष्ट अतिथि रामसेवक सिंह ने कहा कि उन्होंने भोक्ता, चेरो और खरवार समाज को एकजुट कर अंग्रेजों के खिलाफ सशक्त लड़ाई लड़ी, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणा है. कार्यक्रम के दौरान अनुसूचित जनजाति लोक कला नृत्य मंडली द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गयीं, वहीं प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया. मौके पर कुंवर सिंह अमेत अन्य लोग उपस्थित थे.
नीलांबर-पीतांबर का संघर्ष आज भी समाज के लिए प्रेरनाः बृहस्पत सिंह
आड़ा महुआ में मनाया गया नीलांबर-पीतांबर शहादत दिवस
