एकता और शिक्षा से ही बदलेगी समाज की तस्वीर: मिथिलेश ठाकुर

धूमधाम से मनायी गयी वीर बाबा चौहरमल की जयंती, जुटे दिग्गाज

धूमधाम से मनायी गयी वीर बाबा चौहरमल की जयंती, जुटे दिग्गाज प्रतिनिधि, गढ़वा शहर के नीलांबर-पीतांबर बहुउद्देशीय भवन में रविवार को वीर बाबा चौहरमल कल्याण समिति के तत्वावधान में बाबा चौहरमल की जयंती धूमधाम से मनायी गयी. समारोह के माध्यम से सामाजिक एकजुटता और कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष का बड़ा संदेश दिया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री बैजनाथ राम समेत अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. मौके पर पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि चुनाव के समय कई बाहरी तत्व समाज को बरगलाने और अपने स्वार्थ के आते हैं. ऐसे लोग काम निकल जाने के बाद समाज की सुध तक नहीं लेते. उन्होंने कहा कि समाज की बिखराव हमारी सबसे बड़ी कमजोरी को दर्शाती है. इतिहास गवाह है कि बिखरे हुए समाज का विकास कभी नहीं हुआ. बाबा चौहरमल ने सामंती शोषण के खिलाफ आवाज उठाकर हमें संगठित होना सिखाया था. आज समाज को एक नेतृत्व के नीचे एकजुट होकर बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकता है. बाबा चौहरमल की जयंती महज एक उत्सव नहीं, बल्कि शोषण के विरुद्ध संकल्प लेने का दिन है. समारोह को गढ़वा नगर परिषद अध्यक्ष आशीष सोनी, जिप सदस्य सुमन देवी, अंबा के पूर्व जिप अध्यक्ष पंकज पासवान, संरक्षक दशरथ पासवान व रामचंद्र पासवान ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष चंदन पासवान व संचालन संरक्षक धर्मराज पासवान ने किया. मौके पर पलामू प्रमंडल अध्यक्ष संदीप पासवान, समाजसेवी सुरेश जयसवाल, अरुण दुबे, परितोष पासवान, चंपा पासवान, रितेश पासवान, झामुमो जिला अध्यक्ष शंभू राम, सचिव शरीफ अंसारी सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे. बिहार से आए कलाकारों ने स्वागत गान व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया. आने वाली पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ना जरूरीः बैजनाथ विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री बैजनाथ राम कहा कि आने वाली पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ना जरूरी है. जिप अध्यक्ष शांति देवी ने कहा कि पूर्वजों के बताये मार्ग पर चलकर ही हम भावी पीढ़ी को सशक्त बना सकते हैं. वहीं, उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि बाबा चौहरमल का जीवन संघर्ष और न्याय का प्रतीक है, इसीलिए आज भी वे जन-जन के हृदय में जीवित हैं.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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