प्रतिनिधि, गढ़वा जिले के मझिआंव थाना क्षेत्र अंतर्गत टरहे गांव में अंधविश्वास और जागरूकता की कमी के कारण एक 12 वर्षीय किशोरी की मौत हो गयी. मृतका की पहचान सुनील पासवान की पुत्री मोहिनी कुमारी के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, मोहिनी कुमारी मंगलवार की रात घर में सो रही थी, तभी किसी जहरीले सांप ने उसके हाथ में डस लिया. दर्द होने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई. लेकिन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन अंधविश्वास में पड़ गये और झाड़-फूंक के लिए स्थानीय ओझा के पास ले गये. काफी देर तक झाड़-फूंक चलता रहा, जिससे शरीर में जहर फैलता गया और किशोरी की हालत लगातार बिगड़ती गयी. जब स्थिति गंभीर हो गयी तब परिजन उसे गढ़वा सदर अस्पताल ले पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों ने बताया कि समय पर एंटी-वेनम मिल जाता तो उसकी जान बचायी जा सकती थी. परिजन बिना पोस्टमार्टम कराये शव घर ले गये.
जिले और आसपास के क्षेत्रों में सर्पदंश की तीन अन्य घटनाएं भी सामने आयी हैं, जिनमें समय पर इलाज मिलने से तीन महिलाओं की जान बच गयी. रमना थाना क्षेत्र के अतियारी गांव में सुनीता देवी को सांप के डसने के बाद परिजन पहले झाड़-फूंक में लगे रहे, जिससे स्थिति बिगड़ गयी. बाद में उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर है. वहीं पलामू के ऊंटारी रोड थाना क्षेत्र के मुरमा कला गांव में सोते समय एक महिला पर छत से सांप गिर गया और उसे डस लिया. परिजन तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां वह उपचाराधीन है और खतरे से बाहर है. वहीं मेदिनीनगर थाना क्षेत्र के बरकट गांव में खेत में काम कर रही यशोदा देवी को सांप ने डस लिया, जिसके बाद उन्हें भी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी स्थिति स्थिर है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ संतोष मिश्रा ने कहा कि सांप के डसने की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें. मरीज को सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर जाये. सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश के इलाज के लिए ””””एंटी-वेनम”””” उपलब्ध हैं. समय पर इलाज ही जीवन बचाया जा सकता है.