डिजिटल हाजिरी में 'सेंध' : सुबह थंब लगा कर स्कूल से नदारद हो रहे गुरुजी, जनसुनवाई में खुली पोल

गढ़वा में डिजिटल हाजिरी लगाकर स्कूल से गायब होने वाले शिक्षकों की पोल खुली। उपायुक्त ने जांच और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के दिए निर्देश।

गढ़वा : राज्य सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू की गयी 'डिजिटल हाजिरी' व्यवस्था में गढ़वा के शिक्षकों द्वारा सेंधमारी किये जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि थंब इंप्रेशन मशीन या ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर सुबह हाजिरी बनाकर शिक्षक दिन भर के लिए स्कूल से गायब हो जा रहे हैं. शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाला यह गंभीर मामला शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की जनसुनवाई में सामने आया. उपायुक्त ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को त्वरित जांच कर दोषी शिक्षकों पर स्थानांतरण व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया है. जनसुनवाई में इसके अलावा भूमि विवाद, अवैध कब्जा, राशन, पेंशन और आवास से जुड़ी दर्जनों शिकायतें भी सामने आयीं, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को फटकार लगाते हुए त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया.

उपस्थिति दर्ज करा घर लौट जाते हैं सिगसीगा कला के शिक्षक :

जनसुनवाई के दौरान चिनिया प्रखंड के बरवाडीह पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिगसीगा कला के ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों ने शिक्षकों की मनमानी की लिखित शिकायत की. ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय के सहायक शिक्षक स्थानीय हैं, जो सुबह केवल अपनी डिजिटल व भौतिक उपस्थिति दर्ज कराने आते हैं और फिर निजी कार्यों व खेती-बारी में व्यस्त होने के लिए घर चले जाते हैं. बाद में छुट्टी के समय आकर उपस्थिति पंजी पर हस्ताक्षर करते हैं. विरोध करने पर वे बच्चों व अभिभावकों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं. कागजों में शिक्षकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत रहती है, लेकिन धरातल पर पठन-पाठन पूरी तरह ठप रहता है.

आदेश के बाद भी अंचल अधिकारी ने नहीं कराया भूमि सीमांकन :

जनसुनवाई में मेराल प्रखंड के पढ़ुवा निवासी सुरेश साह ने अंचल कार्यालय की शिथिलता को उजागर किया. उन्होंने बताया कि भूमि सीमांकन को लेकर सीओ मेराल द्वारा गत 29 जून को ही आदेश निर्गत किया जा चुका है, किंतु अंचल कर्मियों की लापरवाही के कारण अब तक धरातल पर नापी नहीं हो सकी है. वहीं, बरडीहा के सेमरी निवासी हाफिज अंसारी ने मैरून बीबी की भू-दान (लाल परचा) की जमीन पर अंचल अधिकारी और स्थानीय मुखिया द्वारा जबरन रास्ता निर्माण कराने की गंभीर शिकायत दर्ज करायी. उन्होंने बताया कि निजी व आदिवासी रैयती भूमि को अतिक्रमित कर रास्ता बनाया जा रहा है, जबकि निकट ही सरकारी भूमि उपलब्ध है. उपायुक्त ने दोनों मामलों में संबंधित सीओ से अविलंब स्पष्टीकरण तलब करते हुए न्यायसंगत कार्रवाई के आदेश दिये.

स्वास्थ्य कारणों का हवाला दे शिक्षकों ने मांगी नजदीकी प्रतिनियुक्ति :

कांडी प्रखंड के उत्क्रमित +2 उच्च विद्यालय कांडी में कार्यरत टीजीटी शिक्षक विकास कुमार कश्यप एवं उत्क्रमित उच्च विद्यालय बरवाडीह, कांडी के सहायक शिक्षक विजय कुमार तिवारी ने भी जनसुनवाई में अपनी गुहार लगायी. दोनों शिक्षकों ने अपने एवं परिजनों के गंभीर स्वास्थ्य कारणों और नियमित चिकित्सकीय परामर्श का हवाला देते हुए लंबी दूरी तय करने में असमर्थता जतायी तथा गृह प्रखंड अथवा निकटतम विद्यालयों में प्रतिनियुक्त करने का अनुरोध किया.

संवेदनशीलता से निपटाएं आमजनों के मामले : डीसी

जनसुनवाई के दौरान पेंशन, राशन और बकाया मजदूरी से जुड़े अन्य दर्जनों आवेदनों का भी उपायुक्त ने अवलोकन किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसमस्याओं के निष्पादन में किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सभी विभागाध्यक्ष व अंचलाधिकारी कार्यालय में आने वाले फरियादियों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाएं और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन तय समय-सीमा में सुनिश्चित करें.


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By Avinash singh

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