नाबालिग से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोपी के दोनों ठिकानों पर पुलिस ने चिपकाया इश्तेहार

केतार पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर फरार आरोपी सुनील कुमार पांडेय के घर इश्तेहार चस्पा कर दिया है. नाबालिग से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है.

केतार(गढ़वा ): नाबालिग युवती से छेड़छाड़ एवं यौन उत्पीड़न के आरोप में दर्ज केतार थाना कांड संख्या 35/26 के फरार आरोपी शिक्षक सुनील कुमार पांडेय के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने उसके स्थायी और वर्तमान दोनों पते पर इश्तहार चस्पा किया है.

पुलिस के अनुसार सुनील कुमार पांडेय, पिता स्व. जय नंदन पांडेय का स्थायी पता ग्राम शिवपुर, थाना कांडी, जिला गढ़वा है, जबकि उसका वर्तमान पता साहिजना, थाना व जिला गढ़वा बताया गया है. केतार पुलिस ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर इश्तहार चस्पा किया है. इससे पूर्व न्यायालय द्वारा आरोपी के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया जा चुका है.

बताया गया कि नाबालिग युवती के साथ कथित छेड़छाड़ एवं यौन उत्पीड़न के आरोप में 28 जून 2026 को केतार थाना में मामला दर्ज किया गया था. घटना के समय सुनील कुमार पांडेय केतार थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय ताली में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे. थाना प्रभारी अरूण कुमार रवानी का कहना है कि मामले का अनुसंधान जारी है.

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. इश्तहार चस्पा किए जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई से फरार आरोपी पर गिरफ्तारी का दबाव और बढ़ गया है. मामले में आगे की कार्रवाई अनुसंधान और न्यायालय के निर्देश के अनुसार की जा रही है.


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By Avinash singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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