श्री बंशीधर नगर (गढ़वा). शिक्षक दिवस पर बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल में इस बार विद्यार्थियों ने सिर्फ शिक्षकों को सम्मान नहीं दिया, बल्कि उनकी भूमिका निभाकर शिक्षण की जिम्मेदारी को करीब से महसूस किया. कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों ने एक दिन के लिए शिक्षक बनकर विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लिया. विद्यार्थियों का यह अनूठा अंदाज शिक्षक दिवस समारोह का खास आकर्षण रहा
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा विद्यालय परिसर
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई. कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. हेड बॉय दिवाकर कुमार और हेड गर्ल दीक्षा पांडेय ने विद्यार्थी परिषद के प्रमुख के रूप में आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों से पूरा विद्यालय परिसर तालियों और उत्साह से गूंजता रहा.
शिक्षकों के साथ केक काटकर मनाया शिक्षक दिवस
समारोह के दौरान शिक्षकों के साथ केक काटा गया. विद्यालय प्रबंधन की ओर से शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों के लिए विशेष लंच का आयोजन किया गया तथा उन्हें उपहार देकर सम्मानित किया गया. इस दौरान चेयरमैन बिरेन्द्र सिंह, डायरेक्टर मनीष कुमार सिंह, को-डायरेक्टर युवराज सिंह और प्राचार्य रविश प्रजापति ने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं.
शिक्षक बनना जिम्मेदारी समझने का अवसर : डायरेक्टर
डायरेक्टर मनीष कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस का वास्तविक उद्देश्य केवल शिक्षकों को शुभकामनाएं देना नहीं, बल्कि शिक्षक की भूमिका और जिम्मेदारी को समझना भी है. जब विद्यार्थी एक दिन के लिए शिक्षक की भूमिका निभाते हैं, तो उन्हें यह महसूस होता है कि कक्षा के सामने खड़े होकर बच्चों को समझाना, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना और उन्हें सही दिशा देना कितना महत्वपूर्ण दायित्व है.
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है. शिक्षक विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, संस्कार और बेहतर इंसान बनने की सोच विकसित करते हैं. विद्यालय प्रबंधन का प्रयास है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ ऐसे अनुभव भी मिलें, जो उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने में मदद करें.
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शिक्षक विद्यार्थियों को जीवन की दिशा देते हैं : प्राचार्य
प्राचार्य रविश प्रजापति ने कहा कि शिक्षक बच्चों को शिक्षा देने के साथ उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की दिशा भी देते हैं. उनका समर्पण और मार्गदर्शन विद्यार्थियों की सफलता की मजबूत नींव है. उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम की सराहना की.
शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण : चेयरमैन
चेयरमैन बिरेन्द्र सिंह ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वे बच्चों को ज्ञान के साथ संस्कार और सही दिशा देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करते हैं.
विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारते हैं शिक्षक : को-डायरेक्टर
को-डायरेक्टर युवराज सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है. बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षक जिस समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं, वह सराहनीय है.
गुरु-शिष्य के स्नेह से यादगार बना आयोजन
कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने विद्यार्थियों और विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार जताया. गुरु-शिष्य के स्नेह, सम्मान और अपनत्व से भरा यह आयोजन विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए यादगार बन गया.
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