श्री बंशीधर नगर में श्रद्धा से मना श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र का 139वां जन्मदिवस, गूंजा ‘वंदे पुरुषोत्तम’

श्री बंशीधर नगर में श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र का 139वां जन्मदिवस श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाया गया. कार्यक्रम में वेद मांगलिकि, प्रभात कीर्तन, सामूहिक नाम जप-ध्यान और इष्ट चर्चा का आयोजन हुआ.

श्री बंशीधर नगर. सत्संग उपासना केंद्र उर्जीतपा के प्रांगण में श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र का 139वां जन्मदिवस श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ उषाकाल में वेद मांगलिकि से हुआ. इसके बाद प्रभात कीर्तन, प्रातःकालीन विनती प्रार्थना, सामूहिक नाम जप-ध्यान, सत्यानुसरण, नारीनीति, श्री रामचरितमानस, श्रीमद्भगवद्गीता और पुरुषोत्तम ग्रंथ का पाठ किया गया.

प्रातः 7:05 बजे जन्म लग्न की घोषणा होते ही सत्संगियों ने शंख ध्वनि और "वंदे पुरुषोत्तम" के जयघोष से उपासना केंद्र को गुंजायमान कर दिया. इस दौरान "भय प्रगट कृपाला दीन दयाला" छंद का गायन हुआ. धृति सुंदरलाल, अखिलेश दा और माला मां ने भजन प्रस्तुत किये. अनिता देवी समेत अन्य महिलाओं ने श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र के जन्म पर आधारित सोहर प्रस्तुत किया. उपासना केंद्र को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था.

सत्संग में इष्ट चर्चा और आध्यात्मिक संदेश

दोपहर तीन बजे से सत्संग का आयोजन हुआ. दीप प्रज्वलन, शंख ध्वनि और "वंदे पुरुषोत्तम" के जयघोष के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई. इसके बाद संध्याकालीन विनती प्रार्थना, सभी जीवों के कल्याण के लिए सामूहिक नाम जप-ध्यान, सत्यानुसरण और नारीनीति ग्रंथ का पाठ किया गया.

इष्ट चर्चा में सत्संगी माया दास ने कहा कि श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र वर्तमान समय के पथ प्रदर्शक और शांति प्रदान करने वाले गुरु हैं. उनकी वाणियों से मनुष्य के जीवन का उत्थान संभव है. उन्होंने यजन, याजन, इष्टवृति और सदाचार के पालन पर जोर दिया.

सत्संगी शक्ति दास सिन्हा ने कहा कि धर्म की रक्षा और जीवों के कल्याण के लिए प्रत्येक युग में ईश्वर का अवतार होता है. उन्होंने भगवान हनुमान का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार उनका जीवन प्रभु श्रीराम के कार्य के लिए समर्पित था, उसी प्रकार मानव जीवन भी पुरुषोत्तम गुरु के कार्यों के प्रति समर्पित होना चाहिए.

ऋत्विक विजय नंदन सिन्हा ने कहा कि श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र सभी जीवों के कल्याण के लिए अवतरित हुए और उनके संदेश में भेदभाव का स्थान नहीं है. उन्होंने कृषि, शिक्षा, उद्योग और सुविवाह को राष्ट्र विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया. उन्होंने कहा कि मौखिक ज्ञान की अपेक्षा व्यवहारिक ज्ञान अधिक महत्वपूर्ण है.

कार्यक्रम का संचालन ऋत्विक धृति सुंदरलाल ने किया. उन्होंने कहा कि ईश्वर के प्रति जितना अधिक प्रेम होता है, उतनी ही अधिक उनकी कृपा प्राप्त होती है.

मौके पर याजक राजकुमार दा, बृजेश तिवारी, राजेश सिन्हा, सूरज दा, संजय दा, अजय दा, शंभूनाथ यादव, विकास कुमार, कोमल, शंकर ठाकुर, भोला प्रसाद, अरविंद कुमार, विनोद राम, सुभाष राम, अजय कुमार, धृतिदीप, आकाश कुमार, लक्ष्मी देवी, रीना देवी, कलावती देवी, दीपमाला अंबष्ठ, प्रमिला देवी, संजू देवी, सुमित्रा देवी, अमरावती देवी, गीता देवी, दुलारी देवी, संध्या देवी, बबीता सिंह, किरण देवी, बृंदा देवी, चिंता देवी, प्रभा देवी और रामा देवी समेत विभिन्न क्षेत्रों के सत्संगी उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >