वैश्विक अर्थव्यवस्था में कौशल विकास सबसे जरूरी : अमर झा

वैश्विक अर्थव्यवस्था में कौशल विकास सबसे जरूरी : अमर झा

प्रतिनिधि, गढ़वा

बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के सभागार में सोमवार को स्किल इंडिया के तहत युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन के पूर्व सीईओ एवं स्किल्स ऑक्सीजन एलएलपी के अमर झा थे. विश्वविद्यालय के कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह और शॉल देकर सम्मानित किया. इस अवसर पर अमर झा ने भारतीय कौशल विकास, बाजार की मांग, कौशल पारिस्थितिकी तंत्र की चुनौतियां व भारत की तुलना में विश्व के अन्य देशों की स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था में कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है. जर्मनी, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण को अनिवार्य किया है, जिससे उनकी रोजगार दर और उद्योग क्षमता काफी मजबूत हुई है. कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव प्रो अजय भूषण प्रसाद ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन नर्सिंग विभाग की सहायक प्रोफेसर निलोफेर ने दिया.

नयी दक्षतायें हासिल कर बन सकते हैं आत्मनिर्भर: कुलाधिपति

कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह ने कहा कि अमर झा के अनुभव और व्याख्यान से छात्रों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया कि डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों में कुशल जनशक्ति की भारी मांग है. यदि छात्र पढ़ाई के साथ नयी दक्षतायें हासिल करें तो वे आत्मनिर्भर बनने के साथ ही रोजगार सृजन में भी योगदान दे सकते हैं.

कौशल विकास ही आज की शिक्षा का आधार: कुलपति

कुलपति प्रो एमके सिंह ने कहा कि कौशल विकास ही आज की शिक्षा का आधार है और यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में अहम कदम है. शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि छात्रों को सूचना प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, कृषि, स्वास्थ्य, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलना चाहिये. उन्होंने होम्योपैथिक और डेंटल सेक्टर में भी कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर दिया.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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