निजी विद्यालयों के खिलाफ सोशल मीडिया में फैल रही अफवाहें निंदनीय: अलखनाथ

निजी विद्यालयों के खिलाफ सोशल मीडिया में फैल रही अफवाहें निंदनीय: अलखनाथ

प्रतिनिधि, गढ़वा

जिला पब्लिक स्कूल समन्वय समिति की अहम बैठक बुधवार को स्थानीय आरकेबीएस बीएड कॉलेज के सभागार में हुई. बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष अलखनाथ पांडेय ने की. बैठक मुख्य रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से गढ़वा जिले के निजी विद्यालयों के शैक्षणिक माहौल को बदनाम करने के प्रयास की भर्त्सना के लिए बुलायी गयी थी. समिति के अध्यक्ष अलखनाथ पांडेय ने कहा कि झारखंड का गढ़वा जिला एकमात्र ऐसा जिला है जहां शिक्षण शुल्क अन्य जगहों से कम होने के बावजूद शैक्षणिक स्तर बेहतर है. जिले के विद्यालय कम खर्च में अच्छी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें निंदनीय है. समिति की उपाध्यक्ष सिस्टर रौशना ने कहा कि विद्यालय जो भी शुल्क लेते हैं, वह पारदर्शी तरीके से खर्च किया जाता है. सोशल मीडिया पर कही गयी हर बात भरोसे लायक नहीं होती है. एसएन पाठक ने बताया कि निजी विद्यालय संचालन का कोई अन्य स्रोत नहीं होता, जबकि सरकारी विद्यालयों के संचालन के लिए कई तरह के मद का उपयोग किया जाता है. समिति ने स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों में कोई भी अवैध शुल्क नहीं लिया जाता. सभी लिये गये शुल्क की रसीद विद्यालय जारी करता है. विकास शुल्क (वार्षिक शुल्क) भारत और विदेशों के सभी निजी और सरकारी विद्यालयों में लिया जाता है. इसका उपयोग शिक्षकों के वेतन, बिजली, भवन रखरखाव, कक्षा सामग्री और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए किया जाता है. शुल्क संरचना सार्वजनिक रूप से विद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है. बैठक में संजय सोनी ने कहा कि बिना विकास शुल्क लिए छात्रों को सुविधाएँ प्रदान करना मुश्किल है। भोलानाथ साहू, आलोक सोनी, अमित सिंह, सुशील केशरी सहित कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। मौके पर सिस्टर शांति, अशोक विश्वकर्मा, चंद्रभूषण सिन्हा, अशोक दुबे, महेंद्र विश्वकर्मा, सुधीर पाठक, आशीष कुमार, ललन साहू, चनेश्वर ठाकुर, प्रदीप दुबे, तौहीद अंसारी आदि उपस्थित थे.

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By Akarsh aniket

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