वर्चस्व स्थापित करने के लिए आरोपियों ने की थी फायरिंग
शहर के सोनपुरवा स्थित बस स्टैंड में सोमवार रात हुई फायरिंग मामले का गढ़वा पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मेराल थाना क्षेत्र के पचफेड़ी गांव निवासी शाहिद अली उर्फ पप्पू खान के रूप में हुई है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी के पास से एक कट्टा, एक मोबाइल फोन, खाली मैगजीन और दो कारतूस बरामद किये गये हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शाहिद अली ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर सोनपुरवा बस स्टैंड क्षेत्र में रंगदारी व वर्चस्व स्थापित करने के उद्देश्य से फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था. छापेमारी दल में एसडीपीओ नीरज कुमार, थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी, पुलिस अवर निरीक्षक आदित्य नायक, अविनाश राज, सहायक अवर निरीक्षक अभिमन्यु सिंह, मनोज सिंह, नंद गोपाल राम, प्रेम चंद सिंह सहित कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे.
घटना के ऊंचरी में एक मकान में रह रहा था आरोपी
घटना 23 मार्च को देर रात 11 बजे हुई थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गयी थी. फायरिंग की घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था और ऊंचरी इलाके में एक मकान में छिपकर रह रहा था. पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. एसपी ने बताया कि इस कांड में शाहिद अली के साथ दो अन्य अपराधी भी शामिल थे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. आरोपी के खिलाफ पहले से कई अपराधिक मामले दर्जपुलिस अधीक्षक ने बताया कि शाहिद अली का अपराधिक इतिहास रहा है. उसके खिलाफ गढ़वा, मेराल, बंशीधर नगर और हंसतूरा थाना क्षेत्रों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की भी जांच कर रही है. इसी क्रम में पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई करते हुए नगवा मोहल्ला से दो अपराधियों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में नगवा निवासी अजीत कुमार उर्फ छोटू और आदित्य कुमार शामिल हैं, जिनके पास से एक कट्टा, दो कारतूस, एक स्कूटी बरामद की गयी है. इस संबंध में एसपी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टाइगर मोबाइल पेट्रोलिंग टीम ने तीन संदिग्ध युवकों को रोककर पूछताछ की. इसी दौरान अजीत कुमार, आदित्य कुमार और उनके साथ एक अन्य युवक भागने लगे. पुलिस टीम के सहायक अवर निरीक्षक नंद गोपाल राम और आरक्षी भास्कर कुमार पाठक ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को दौड़ाकर पकड़ लिया.
