प्रतिनिधि, गढ़वा जनसहभागिता एवं प्रशासनिक सहयोग से संचालित ””””आपन सरस्वतिया”””” अभियान के तहत रविवार को लगातार 21वें दिन भी सरस्वतिया नदी की सफाई, डी-सिल्टिंग और पुनर्जीवन का कार्य जारी रहा. मानसून के निकट आने को देखते हुए अभियान को और गति दी गयी तथा नदी के विभिन्न हिस्सों में व्यापक स्तर पर सफाई और चौड़ीकरण का कार्य किया गया. रविवार सुबह नौ बजे से आधा दर्जन से अधिक जेसीबी एवं अन्य मशीनें नदी क्षेत्र में कार्यरत रहीं. वर्षों से गाद, झाड़ियों, सूखे पेड़ों और अन्य अवरोधों के कारण अपना स्वरूप खो चुकी नदी को फिर से व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया. अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि मानसून शुरू होने के बाद नदी में जलभराव बढ़ने से सफाई और डी-सिल्टिंग कार्य प्रभावित हो सकता है. जिस कारण मानसून से पहले अधिकतम कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने बताया कि रविवार को मशीनों की संख्या बढ़ाकर अभियान को अतिरिक्त गति दी गयी. यदि जनसहयोग से और जेसीबी उपलब्ध हो जायें तो अगले तीन-चार दिनों तक इसी तरह व्यापक स्तर पर कार्य कराया जायेगा.
अभियान में स्थानीय नागरिकों, समाजिक कार्यकर्ताओं और स्वच्छता प्रेमियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया. कई स्थानों पर लोगों ने श्रमदान कर नदी संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई. अनुमंडल पदाधिकारी ने गढ़वा के समाजसेवी राकेश पाल, केसरवानी वैश्य सभा के अध्यक्ष संतोष केसरी, व्यवसायी संघ के अध्यक्ष राजेश गुप्ता, संत मरियम आवासीय विद्यालय डाल्टनगंज के चेयरमैन अविनाश देव, समाजसेवी विकास माली सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग से यह अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है. उन्होंने बताया कि मेराल क्षेत्र में भी पिछले 15 दिनों से सरस्वतिया नदी की सफाई और डी-सिल्टिंग का कार्य लगातार जारी है. वहां के अंचलाधिकारी, पूरी टीम, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं. उन्होंने कहा कि सरस्वतिया नदी क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए प्रशासन एवं समाज का संयुक्त प्रयास आगे भी जारी रहेगा.
नदी में कचरा फेंकने वालों पर होगी सख्त कार्रवाईअनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने चेतावनी दी कि सफाई के बाद भी यदि कोई नदी में कचरा या अपशिष्ट फेंकता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. इस संबंध में नगर परिषद को आवश्यक निर्देश दिये जा रहे हैं. उन्होंने नागरिकों से भी ऐसे मामलों की सूचना प्रशासन को देने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि नगर परिषद द्वारा नियमित कचरा उठाव नहीं होने और कुछ स्थानों पर स्वयं नगर परिषद के माध्यम से कचरा नदी क्षेत्र में फेंके जाने की शिकायतें मिली हैं. यदि जांच में शिकायतें सही पायी गयीं तो संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जायेगी.
