बांकी नदी बचाने के लिए शुरू हुआ जन-आंदोलन

बांकी नदी बचाने के लिए शुरू हुआ जन-आंदोलन

गौरव पांडेय, श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)

अनुमंडल क्षेत्र की जीवनरेखा कही जाने वाली बांकी नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर एक बड़े जन-आंदोलन का आगाज़ हो चुका है. सामाजिक कार्यकर्ता श्वेतांक कुमार शुक्ला के नेतृत्व में बांकी बचाओ अभियान के तहत व्यापक जन-जागरूकता और हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गयी है. बांकी नदी लगातार हो रहे अतिक्रमण, अव्यवस्थित निर्माण कार्य और प्रशासन व आम लोगों की बढ़ती उपेक्षा के कारण आज अपने अस्तित्व के सबसे गंभीर संकट से गुजर रही है. अभियान से जुड़े सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नदी के प्राकृतिक जल बहाव क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) और इसकी स्वच्छता को सुरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में पूरे क्षेत्र को गंभीर जलजमाव, भूजल संकट (वाटर लेवल क्राइसिस) और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा. अभियान के संयोजक श्वेतांक कुमार शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है. यह पूरी तरह गैर-राजनीतिक है, जिसका एकमात्र उद्देश्य प्रकृति, जनहित और श्री वंशीधर नगर के सुरक्षित एवं खुशहाल भविष्य के लिए एक सकारात्मक पहल करना है. उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस सामाजिक जिम्मेदारी को निभाने का संकल्प लिया है.

श्वेतांक कुमार शुक्ला ने श्री वंशीधर नगर के नागरिकों, युवाओं और प्रबुद्ध जनों से इस अभियान का समर्थन करने की अपील की है. लोग हस्ताक्षर अभियान से जुड़कर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. वहीं, डिजिटल माध्यम से युवाओं को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया पर बांकी बचाओ अभियान हैशटैग भी जारी किया गया है, जो क्षेत्र में तेजी से वायरल हो रहा है .

आंदोलन की 5 प्रमुख मांगें

अतिक्रमण से मुक्ति : बांकी नदी के क्षेत्र को पूरी तरह चिह्नित कर उसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाये .

जल बहाव क्षेत्र की सुरक्षा : नदी के प्राकृतिक जल बहाव क्षेत्र को सुरक्षित किया जाये, ताकि पानी का प्रवाह सुचारू रहे.

नियमित सफाई : प्रशासन द्वारा नदी की नियमित और वैज्ञानिक तरीके से सफाई सुनिश्चित की जाये.

अवैध निर्माण पर रोक : नदी के किनारों पर हो रहे सभी अवैध निर्माण कार्यों पर तुरंत रोक लगाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाये.

स्थायी योजना : पर्यावरण संरक्षण और नदी के कायाकल्प के लिए ठोस और स्थायी सरकारी मास्टर प्लान बनाया जाये.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Akarsh Aniket

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >