सड़क हादसे में युवा पत्रकार रजनीश ठाकुर के निधन पर पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जताया शोक

युवा पत्रकार रजनीश ठाकुर के सड़क दुर्घटना में निधन पर पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने गहरा दुख जताया है. उन्होंने इसे पत्रकारिता जगत के लिए एक बड़ी क्षति बताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की.

गढ़वा: युवा पत्रकार रजनीश ठाकुर के सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन पर पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि जिंदगी सचमुच क्षणभंगुर है और पल भर में सब कुछ बदल जाता है. रजनीश के निधन की खबर हृदय को भीतर तक झकझोर देने वाली है. मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि जिस उम्र में रजनीश को अपने सपनों को आकार देना था और भविष्य की नई इबारत लिखनी थी, उस उम्र में उनका अचानक चले जाना बेहद पीड़ादायक है. रजनीश का असमय निधन उनके परिवार और मित्रों के साथ-साथ पत्रकारिता जगत के लिए भी अपूरणीय क्षति है.

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यादों में हमेशा जीवित रहेंगे रजनीश

पूर्व मंत्री ने कहा कि कुछ लोग दुनिया से चले जाते हैं, लेकिन उनकी यादें और उनसे जुड़ी बातें हमेशा लोगों के बीच जीवित रहती हैं. रजनीश ठाकुर भी अपनी यादों और कार्यों के माध्यम से लोगों के बीच हमेशा बने रहेंगे. मिथिलेश ठाकुर ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों, मित्रों और साथी पत्रकारों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की. उन्होंने रजनीश ठाकुर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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