मैंने एक सच्चा साथी खोया, सुदिव्य सोनू के निधन पर बोले मिथिलेश ठाकुर

झारखंड के पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने सुदिव्य सोनू के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे झारखंड की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।

गढ़वा : झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने गहरा शोक जताया है. सोशल मीडिया पर जारी संदेश में उन्होंने सुदिव्य सोनू के निधन को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया.

मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि सुदिव्य सोनू ने सार्वजनिक जीवन में अपनी सरलता, सहज व्यवहार और आत्मीयता से अलग पहचान बनायी थी. उनके निधन से झारखंड की राजनीति और सार्वजनिक जीवन को अपूरणीय क्षति हुई है.

उन्होंने कहा, "आज उनके निधन से पूरा झारखंड स्तब्ध है. मैंने तो एक सच्चा साथी खोया है." पूर्व मंत्री ने शोक संतप्त परिवार, शुभचिंतकों और कार्यकर्ताओं के प्रति संवेदना जतायी. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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