मझिआंव. मेराल-भवनाथपुर-चोपन रेल संपर्क की मांग को लेकर सोमवार को बरडीहा में संघर्ष समिति की बैठक हुई. अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष रत्नेश गुप्ता ने की. बैठक में मेराल से बरडीहा, भवनाथपुर, खरौंधी, कोन और सलईबनवा होते हुए चोपन तक रेल संपर्क बहाल कराने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया.
पांच लाख आबादी को रेल सुविधा मिलने का दावा
समिति के संयोजक सह सांसद प्रतिनिधि सतीश यादव ने कहा कि मेराल से भवनाथपुर माइंस तक करीब 35 किमी रेलखंड वर्ष 1966 से अस्तित्व में है. परिचालन बंद होने के बाद क्षेत्र के लोग रेल सुविधा से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रेल संपर्क से झारखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों की करीब पांच लाख आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है. इससे औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है.
हस्ताक्षर अभियान से शुरू होगा आंदोलन
बैठक में निर्णय लिया गया कि संघर्ष समिति पहले चरण में हस्ताक्षर अभियान चलायेगी. इसके बाद सांसद विष्णु दयाल राम को ज्ञापन सौंपकर रेल संपर्क की मांग केंद्र सरकार तक पहुंचायी जायेगी. बैठक में मझिआंव, बरडीहा, कांडी, भवनाथपुर और बिशुनपुरा क्षेत्र के लोग शामिल हुए.
