अभिमन्यु कुमार की रिपोर्ट
गढ़वा. खरौंधी प्रखंड कार्यालय के समीप करीब 3.5 करोड़ रुपये की लागत से बना 100 शय्या वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन आज देखरेख के अभाव में पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है . भवन में लगे खिड़की, दरवाजे, वायरिंग के तार, टाइल्स समेत अन्य कीमती सामान अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा चोरी कर लिए गए हैं . पूरे परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है . अस्पताल भवन लगातार बंद रहने से जर्जर हो गया है और विभाग द्वारा इसके रख-रखाव की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है .
2007 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री भानू प्रताप शाही किया था शिलान्यास
बताते चलें कि वर्ष 2007 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सह पूर्व विधायक भानू प्रताप शाही ने इस अस्पताल भवन का शिलान्यास किया था . वहीं भवन बनकर तैयार होने के बाद इसका उद्घाटन वर्तमान विधायक अनंत प्रताप देव ने किया था . हालांकि, निर्माण के इतने वर्षों बाद भी आज तक इस अस्पताल में मरीजों के समुचित इलाज के लिए स्थायी डॉक्टरों की पदस्थापना और जरूरी चिकित्सकीय संसाधन बहाल नहीं किए गए .
70 हजार आबादी का इलाज भगवान भरोसे
प्रखंड की लगभग 70 हजार आबादी का स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह भगवान भरोसे चल रहा है . अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं और जांच मशीनों के अभाव में ग्रामीणों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी गढ़वा, डाल्टनगंज, रांची या पड़ोसी राज्य यूपी के वाराणसी जाना पड़ता है . सबसे बुरी स्थिति यह है कि पुलिस केस में इंज्युरी रिपोर्ट बनवाने के लिए भी प्रखंड वासियों को 22 किलोमीटर दूर भवनाथपुर जाना पड़ता है . वहीं गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए भी बाहर का रुख करना पड़ता है .
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क्या कहते हैं ग्रामीण
स्थानीय निवासी समद अंसारी, खुर्शीद आलम, भूलन कुमार मेहता, योगेंद्र प्रजापति, संजय भारती, राजेंद्र राम, जोखू महतो और संदीप मेहता ने बताया कि प्रखंड वासियों की जिंदगी झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे चल रही है . सही इलाज नहीं मिलने से लोग आर्थिक रूप से ठगे जा रहे हैं . बीमारी के इलाज से ज्यादा खर्च आने-जाने में हो जाता है . करोड़ों का अस्पताल बनने के बाद भी व्यवस्था न होना जनप्रतिनिधियों और विभाग के लिए शर्मनाक है .
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क्या कहते हैं चिकित्सा पदाधिकारी
मामले में चिकित्सा पदाधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि अपना भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण सुव्यवस्थित ढंग से इलाज करने में परेशानी आ रही है . फिलहाल सीएचओ ऑफिस नवाडीह में डॉ. प्रभात के बैठने की व्यवस्था की गई है . वहां दवाएं और प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध है . इसके अलावा सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी वेनम इंजेक्शन भी वहां उपलब्ध है .
