गढ़वा में झामुमो में सियासी घमासान, दीपक प्रताप देव को कारण बताओ नोटिस

Garhwa News: गढ़वा में झामुमो ने पार्टी अनुशासन उल्लंघन के आरोप में दीपक प्रताप देव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. विधायक अनंत प्रताप देव के खिलाफ सार्वजनिक बयान और 2029 चुनाव लड़ने की चुनौती पर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है. जवाब नहीं मिलने पर मामला केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा.

गढ़वा से जितेंद्र सिंह की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड की राजनीति में गढ़वा और भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की जिला समिति ने श्री बंशीधर नगर निवासी और पार्टी से जुड़े नेता दीपक प्रताप देव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. पार्टी ने उन पर संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन करने और सार्वजनिक मंच से पार्टी विधायक के खिलाफ बयानबाजी करने का आरोप लगाया है. झामुमो जिला सचिव शरीफ अंसारी ने जिला अध्यक्ष शंभु राम के निर्देश पर यह नोटिस जारी किया है. इसमें दीपक प्रताप देव को नोटिस प्राप्त होने की तिथि से एक सप्ताह के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है.

सोशल मीडिया पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बनी कार्रवाई की वजह

जारी नोटिस में कहा गया है कि 3 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया, यूट्यूब, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से यह जानकारी सामने आई कि दीपक प्रताप देव ने झामुमो का पार्टी पट्टा पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के झामुमो विधायक अनंत प्रताप देव के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव में अनंत प्रताप देव के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर दी. उन्होंने यह भी कहा कि विधायक जहां से चुनाव लड़ेंगे, वह भी उसी सीट से मैदान में उतरेंगे. पार्टी ने इसे संगठनात्मक अनुशासन और पार्टी की मर्यादा के खिलाफ माना है.

पार्टी ने बताया अनुशासनहीनता का गंभीर मामला

झामुमो जिला समिति ने अपने नोटिस में कहा है कि किसी भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता द्वारा सार्वजनिक मंच से पार्टी के निर्वाचित जनप्रतिनिधि के खिलाफ बयान देना संगठन की नीति और सिद्धांतों के विपरीत है. नोटिस के अनुसार, दीपक प्रताप देव का आचरण अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है और इससे संगठन की छवि प्रभावित हुई है. इसी कारण उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है. पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो मामले को आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए झामुमो के केंद्रीय कार्यालय को भेज दिया जाएगा.

डेढ़ साल में बदल गए राजनीतिक समीकरण

गढ़वा और भवनाथपुर की राजनीति में यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता भानु प्रताप शाही को चुनौती देने के लिए झामुमो के भीतर एक मजबूत राजनीतिक समीकरण बना था. उस समय विधायक अनंत प्रताप देव, ताहिर अंसारी और दीपक प्रताप देव एक साथ सक्रिय भूमिका में थे. राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस त्रिकोण ने चुनावी रणनीति को मजबूत बनाया और भाजपा के खिलाफ प्रभावी मुकाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. लेकिन चुनाव के करीब डेढ़ वर्ष बाद ही यह राजनीतिक एकजुटता टूटती नजर आ रही है. दीपक प्रताप देव का सार्वजनिक रूप से विधायक के खिलाफ मोर्चा खोलना इस बदलाव का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है.

2029 चुनाव को लेकर भी बढ़ी सियासी हलचल

दीपक प्रताप देव द्वारा वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव में अनंत प्रताप देव के खिलाफ चुनाव लड़ने की खुली घोषणा ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह विवाद आगे बढ़ता है, तो भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में झामुमो की आंतरिक राजनीति पर इसका असर पड़ सकता है. पार्टी के भीतर गुटबाजी की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. हालांकि, अभी तक विधायक अनंत प्रताप देव की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

एक सप्ताह में देना होगा जवाब

जिला समिति ने नोटिस में साफ कहा है कि दीपक प्रताप देव को एक सप्ताह के भीतर जिला कार्यालय में अपना लिखित स्पष्टीकरण जमा करना होगा. उनके जवाब का परीक्षण करने के बाद पार्टी आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी. यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया या तय समय के भीतर स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो पार्टी संविधान और संगठनात्मक नियमों के तहत मामला केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा, जहां से अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.

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अब सबकी नजर दीपक प्रताप देव के जवाब पर

झामुमो द्वारा जारी इस कारण बताओ नोटिस ने गढ़वा की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब सार्वजनिक रूप ले चुकी है. आने वाले दिनों में दीपक प्रताप देव का जवाब, पार्टी नेतृत्व का रुख और विधायक अनंत प्रताप देव की प्रतिक्रिया इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेगी. फिलहाल, यह मामला केवल एक नोटिस तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भवनाथपुर विधानसभा की बदलती राजनीतिक तस्वीर और झामुमो के अंदर उभर रहे नए शक्ति संतुलन के रूप में भी देखा जा रहा है. आने वाले समय में इस विवाद का असर क्षेत्रीय राजनीति और पार्टी संगठन, दोनों पर पड़ सकता है.

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Published by: Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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