रमकंडा में ग्रामीणों ने श्रमदान से बनायी चार किमी लंबी सड़क

आत्मनिर्भरता और सामूहिक सहयोग की मिसाल पेश करते हुए रमकंडा प्रखंड के दुर्जन गांव के ग्रामीणों ने श्रमदान कर चार किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क बना दी.

रमकंडा. आत्मनिर्भरता और सामूहिक सहयोग की मिसाल पेश करते हुए रमकंडा प्रखंड के दुर्जन गांव के ग्रामीणों ने श्रमदान कर चार किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क बना दी. इस सड़क के निर्माण से अब ग्रामीणों को गोदरमाना बाजार और छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज आने-जाने में काफी सहूलियत होगी. ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर वन विभाग ने सहमति जताई और रास्ते को उपलब्ध कराया. इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर वन भूमि पर मिट्टी भरकर आवागमन को सुगम बना दिया. अब यह कच्ची सड़क दुर्जन गांव से सीधे परासपानी मुख्य सड़क तक जुड़ गयी है. इस सड़क के निर्माण से न केवल दुर्जन गांव बल्कि बरवा बैरिया के लोगों को भी रामानुजगंज जाने में आसानी होगी. प्रगतिशील किसान मंच के पलामू प्रमंडलीय अध्यक्ष सह कृषक कवि मुंशी महतो, अजय कुशवाहा, शंकर महतो, अमर भुइहर, रमेश कुशवाहा, दीपक मांझी, प्रमोद मांझी, वीरेंदर चौधरी समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पहले यह रास्ता केवल पगडंडी थी. ग्रामीणों ने बताया की हाल ही में वन विभाग ने इस भूमि पर पौधरोपण किया.लेकिन ग्रामीणों की अपील पर वन विभाग ने सड़क के लिए जमीन छोड़े जाने पर सहमति जतायी. ग्रामीणों ने वन विभाग और विशेष रूप से डीएफओ को इस सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. उनका कहना है कि अब आने-जाने में न केवल आसानी होगी, बल्कि गांव का विकास भी तेज़ी से होगा.

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Author: DEEPAK

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