देसी से लेकर अंग्रेजी शराब की खुलेआम बिक्री

देसी से लेकर अंग्रेजी शराब की खुलेआम बिक्री

प्रतिनिधि, बड़गड़ बड़गड़ थाना क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है. महुआ से निर्मित देसी शराब हो या अवैध रूप से बेची जा रही अंग्रेजी शराब, दोनों का धंधा खुलेआम चल रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार थाना क्षेत्र के कई गांवों में महुआ शराब बनाने का काम अब गृह उद्योग का रूप ले चुका है. घर-घर में कच्ची शराब तैयार की जा रही है और उसे आसपास के गांवों तथा साप्ताहिक हाट-बाजारों में खुलेआम बेचा जा रहा है. सप्ताह में लगने वाले बाजारों में हड़िया की आड़ में भारी मात्रा में अवैध शराब की बिक्री होती है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिलती. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि थाना मुख्यालय से महज सौ-दो सौ गज की दूरी पर भी अवैध अंग्रेजी शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है. कुछ स्थानों पर यह कारोबार खुलेआम चलता है, तो कहीं चोरी-छिपे सप्लाई की जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस चाहे तो ऐसे ठिकानों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाये गये हैं. अवैध शराब के कारण क्षेत्र में सामाजिक और पारिवारिक समस्याएं भी बढ़ रही हैं. तेजी से नशे की चपेट में आ रहा युवा वर्ग ग्रामीणों का कहना है कि युवा वर्ग तेजी से नशे की चपेट में आ रहा है, जिससे घरेलू कलह, आर्थिक तंगी और आपराधिक घटनाओं में इजाफा होने की आशंका बनी हुई है. आये दिन शराब के नशे के कारण लोग सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं. इस समस्या को लेकर महिलाओं ने भी चिंता जतायी है और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है. स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग से अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है. साथ ही पुलिस की भूमिका की जांच की भी मांग की गयी है, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कायम रह सके. अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब ठोस कार्रवाई करता है और अवैध शराब के बढ़ते कारोबार पर कब तक लगाम लग पाती है.

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Published by: Akarsh aniket

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