हिंदी हमारी संस्कृति व एकता का प्रतीक है : मुरली श्याम

हिंदी दिवस पखवाड़ा पर मंगलवार को क्विज एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन मेरा युवा भारत एवं जनक विकास धारा ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वाधान में राजकीयकृत गोवावल प्लस टू विद्यालय डुमरिया के परिसर में किया गया

गढ़वा. हिंदी दिवस पखवाड़ा पर मंगलवार को क्विज एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन मेरा युवा भारत एवं जनक विकास धारा ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वाधान में राजकीयकृत गोवावल प्लस टू विद्यालय डुमरिया के परिसर में किया गया. इसमें 10वीं के छात्र-छात्राओं के बीच क्विज एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. निबंध प्रतियोगिता एवं क्विज प्रतियोगिता में 60 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. निबंध प्रतियोगिता मुंशी प्रेमचंद, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला एवं रामधारी सिंह दिनकर के तीन गुरु में बांटकर किया गया. इसमें विकसित भारत में युवाओं का योगदान विषय के लिए सूर्यकांत त्रिपाठी निराला को प्रथम, मुंशी प्रेमचंद को द्वितीय तथा रामधारी सिंह दिनकर को तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. क्विज प्रतियोगिता में 20 प्रशन दिये गये थे, जो हिंदी विषय पर आधारित थे. क्विज में भी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में संस्था के सचिव रामाशंकर चौबे ने हिंदी दिवस पखवाड़ा के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति एवं एकता का प्रतीक है. हिंदी के विकास में युवाओं का भारत के कवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. मुरली श्याम तिवारी ने कहा कि हिंदी सभी भाषाओं की जननी है, दुनिया में हिंदी बोले जानेवाली तीसरी सबसे बड़ी भाषा है. विदेशों में भी हिंदी का प्रचलन बढ़ा है. कार्यक्रम में नॉलेश कुमार शुक्ला, संतोष कुमार, उदय कुमार रवि, अब्दुल क्यूम, सुनीता पांडेय, अजय कुमार तिवारी ने अहम भूमिका निभायी. इस मौके पर युवा भारत के जिला युवा अधिकारी पामीर सिंह ने भी हिंदी दिवस की महता पर प्रकाश डाला.

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