नक्शा-नकल से जाति-निवास प्रमाणपत्र तक की शिकायतें पहुंचीं जनसुनवाई में

गढ़वा में जनसुनवाई के दौरान आम लोगों ने सरकारी दस्तावेजों और प्रमाण पत्र मिलने में हो रही देरी की शिकायत की। उपायुक्त ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए।

गढ़वा: शुक्रवार को समाहरणालय में आयोजित जनसुनवाई में नक्शा-नकल, जाति-निवास प्रमाणपत्र, आवास, आंगनबाड़ी सेविका चयन समेत कई मामलों की शिकायतें पहुंचीं. उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया. जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, मुआवजा, अतिक्रमण, रोजगार और बकाया मजदूरी से जुड़े मामले भी पहुंचे.

सरकारी सड़क के लिए गयी जमीन, नक्शा-नकल नहीं मिलने की शिकायत

भवनाथपुर के बुका निवासी शशिकांत यादव ने नगर-भवनाथपुर-पाचाडुमर सड़क निर्माण में अधिग्रहित भूमि का नक्शा और नकल उपलब्ध कराने की मांग की. उन्होंने बताया कि इसके लिए जिला अभिलेखागार यानी रेकॉर्ड रूम में कई बार आवेदन दिया, लेकिन दस्तावेज नहीं मिल सके. उन्होंने पूर्व में दिये गये आवेदनों की प्रतियां भी जनसुनवाई में प्रस्तुत कीं.

वंशावली और पिता का प्रमाणपत्र, फिर भी खतियान का पेंच

भवनाथपुर के सिंदुरिया निवासी सूरज कुमार ने जाति और निवास प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की. उन्होंने बताया कि झारसेवा के माध्यम से आवेदन करने पर उनका आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया. उनका कहना है कि पिता के नाम से पहले से जाति एवं निवास प्रमाणपत्र निर्गत है और वंशावली भी उपलब्ध है. इसके बावजूद खतियान की मांग की जा रही है. उन्होंने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करने का अनुरोध किया.

गरीब परिवार ने मांगा पक्का मकान

सोनपुरवा वार्ड नंबर तीन निवासी अनिल कुमार पासवान ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का लाभ देने की मांग की. उन्होंने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और अपना पक्का मकान नहीं है. फिलहाल किराये के मकान में रहना पड़ रहा है.

सेविका चयन में अनियमितता का आरोप

धुरकी के मिर्चइया गांव की रेणु देवी ने आंगनबाड़ी सेविका चयन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि वह भी उम्मीदवार थीं और उनकी शैक्षणिक योग्यता चयनित सेविका से अधिक है. आवेदन में उन्होंने चयनित सेविका पर पूर्व से प्राथमिकी दर्ज होने की बात भी कही है.

जनसुनवाई में अन्य फरियादियों ने भी अपनी समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं. उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को मामलों का नियमानुसार और तत्परता से निष्पादन करने का निर्देश दिया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >