बिना पहियों कैसे होगी योजनाओं की निगरानी? जिले में 13 BDO के पास सरकारी वाहन नहीं, किराये की गाड़ियों के भरोसे क्षेत्र भ्रमण

सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में बाधा आ रही है क्योंकि गढ़वा जिले के 13 प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) के पास अपना सरकारी वाहन नहीं है. यह स्थिति योजनाओं की नियमित निगरानी और भौतिक सत्यापन को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है.

पीयूष तिवारी की रिपोर्ट

गढ़वा. जिले में 13 प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत कई प्रशासनिक पदाधिकारियों के पास अपना सरकारी वाहन नहीं है. जिले में कुल 20 प्रखंड और 19 अंचल हैं. इनमें 13 बीडीओ को सरकार की ओर से सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया है. इस कारण उन्हें क्षेत्र भ्रमण, सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और योजनाओं के भौतिक सत्यापन के लिए किराये पर वाहन लेना पड़ रहा है. कई बार दूसरे अधिकारियों के वाहनों के सहारे भी काम चलाना पड़ता है.

योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग प्रभावित

इससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और भौतिक सत्यापन प्रभावित हो रहा है. वहीं जिले के सभी 19 अंचल अधिकारियों के पास सरकारी वाहन है. अंचल अधिकारियों को टाटा सूमो गोल्ड वाहन दिये गये हैं. जबकि सात बीडीओ के पास बोलेरो जैसी सरकारी गाड़ियां उपलब्ध हैं.

इन प्रखंडों में बीडीओ के पास नहीं है वाहन

इन प्रखंडों में बीडीओ के पास नहीं है अपना वाहन गढ़वा जिले के चिनिया, बड़गड़, बरडीहा, भंडरिया, विशुनपुरा, केतार, डंडई, रमकंडा, धुरकी, रमना, गढ़वा, खरौंधी और सगमा के बीडीओ के पास अपना सरकारी वाहन नहीं है. वहीं रंका, नगरऊंटारी, डंडा, भवनाथपुर, कांडी, मेराल और मझिआंव के बीडीओ के पास सरकारी वाहन उपलब्ध है.

अन्य पदाधिकारियों के पास भी नहीं हैं वाहन

आपूर्ति और कल्याण पदाधिकारी के पास भी नहीं है वाहन: बीडीओ के अलावा जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी और उप निर्वाचन पदाधिकारी के पास भी अपना सरकारी वाहन नहीं है. ये अधिकारी भी किराये के वाहन या उपलब्ध संसाधनों के सहारे सरकारी कार्यों का संचालन कर रहे हैं.

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ग्रामीण विकास विभाग को भेजी गयी सूची

सरकारी वाहन से वंचित बीडीओ को वाहन उपलब्ध कराने के लिए उप विकास आयुक्त स्तर से ग्रामीण विकास विभाग को पत्र भेजा गया है. इसमें संबंधित प्रखंडों के बीडीओ के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध कराने की मांग की गयी है.

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सबसे बड़ा गढ़वा प्रखंड में भी वाहन उपलब्ध नहीं

जिले का सबसे बड़ा गढ़वा प्रखंड है. गढ़वा बीडीओ कुमार नरेंद्र नारायण ने बताया कि उनके पास सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं है. इसके बावजूद जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पहले वे डंडा प्रखंड के भी प्रभार में थे. उस समय डंडा बीडीओ के वाहन गढ़वा और डंडा दोनों प्रखंडों का क्षेत्र भ्रमण करते थे. अब डंडा में नये बीडीओ की पदस्थापना हो गयी है. इसके बाद से वाहन की समस्या और बढ़ गयी है. वहीं चिनिया बीडीओ सुबोध कुमार ने बताया कि उनके पास सरकारी वाहन नहीं है. वे फिलहाल मझिआंव बीडीओ के वाहन का इस्तेमाल कर क्षेत्र भ्रमण और अन्य सरकारी कार्य कर रहे हैं.


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By शेखर सुमन

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