गढ़वा: आस्था के मंदिर में आधी रात चोरी, ठेले पर सामान ले जाता दिखा संदिग्ध

गढ़वा के प्रसिद्ध जुड़वनिया शिव मंदिर में चोरी की घटना से श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है।

गढ़वा. शहर से सटे प्रसिद्ध जुड़वनिया शिव मंदिर परिसर में चोरी की घटना सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी है. बताया जाता है कि मंदिर परिसर में इससे पहले भी सामान चोरी होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. ताजा घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है.

जानकारी के अनुसार, बीती देर रात करीब दो बजे एक व्यक्ति तीन पहिया ठेला लेकर मंदिर परिसर के पास पहुंचा. इसके बाद वह मंदिर का सामान ठेले पर लादकर वहां से ले जाने लगा. सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति सामान ले जाते हुए दिखाई दे रहा है.

पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर गढ़वा थाना ले गयी. बताया जा रहा है कि पकड़ा गया व्यक्ति सहिजना का निवासी है. हालांकि, पुलिस की ओर से मामले में अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी गयी है.

पुलिस फिलहाल पकड़े गये संदिग्ध से पूछताछ कर रही है. सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य बिंदुओं की जांच की जा रही है. जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि पकड़े गये व्यक्ति की मंदिर में हुई चोरी के अलावा आसपास की अन्य घटनाओं में कोई भूमिका है या नहीं.

आसपास चोरी की घटनाओं से बढ़ी चिंता

स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर के आसपास नदी क्षेत्र में खेती के लिए लगाये गये टुल्लू पंप की चोरी की घटना भी कुछ दिन पहले सामने आयी थी. लगातार चोरी की घटनाओं से क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है.

स्थानीय लोगों ने पुलिस से मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में रात के समय गश्त बढ़ाने तथा चोरी की घटनाओं की गहन जांच करने की मांग की है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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