गढ़वा में SIR फॉर्म भरने के नाम पर ग्रामीणों से अवैध वसूली,जांच के बाद BLO को हटाया गया

गढ़वा के रंका में एसआइआर फार्म भरने के बदले अवैध वसूली करने वाली बीएलओ जमीला बीबी को प्रशासन ने आंगनबाड़ी सेविका के पद से चयन मुक्त कर दिया है.

नंद कुमार की रिपोर्ट

Garhwa SIR News: गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के खपरो में एसआइआर फार्म भरने के एवज में ग्रामीणों से 'खर्चा-पानी' (अवैध राशि) मांगने का मामला सामने आया है. यहां की बीएलओ जमीला बीबी पर प्रति फार्म 20 से 50 रुपए तक वसूलने का आरोप है. राशि नहीं देने पर ग्रामीणों के फार्म स्वीकार नहीं किए जा रहे थे. इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासनिक जांच में इसकी पुष्टि हो गई है. इसके बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी बीएलओ को आंगनबाड़ी सेविका के पद से चयन मुक्त करने का निर्देश दिया है.

ग्रामीणों ने बयां किया दर्द, नागरिकता खत्म होने का था डर

ग्रामीण तसौउर अंसारी ने बताया कि उनका फार्म भरकर रखा हुआ है, लेकिन बीएलओ जमीला बीबी 50 रुपए की मांग कर रही हैं. पैसा नहीं देने पर उन्होंने फार्म लेने से इंकार कर दिया. उन्होंने डर जताते हुए कहा कि अगर फार्म जमा नहीं हुआ, तो उनकी नागरिकता पर संकट आ जाएगा. वहीं, ग्रामीण ग्यासुद्दीन अंसारी ने बताया कि उन्होंने एसआइआर के चार फार्म भरने के एवज में बीएलओ को 80 रुपए दिए. उनका कहना था कि पूछने पर बीएलओ ने तर्क दिया कि वह रात-दिन इस काम में लगी हैं, तो क्या उन्हें खर्चा-पानी भी नहीं मिलेगा. इसके अलावा परवेज अंसारी, गुलाम गौस अंसारी, तौहिद अंसारी, सितारूद्दीन अंसारी, सलाहुद्दीन अंसारी और शहनाज बीबी ने भी बीएलओ द्वारा 50-50 रुपए मांगे जाने की शिकायत की है.


जारी पत्र

आरोपी बीएलओ ने दी थी एआई की दलील

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जब बीएलओ जमीला बीबी से इस संबंध में पूछा गया था, तो उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था. उन्होंने दलील दी थी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग कर फर्जी वीडियो बनाया गया है और उन्हें बदनाम करने के लिए इसे वायरल किया जा रहा है. उन्होंने किसी से भी खर्चा-पानी मांगने की बात से साफ इंकार किया था.

बीडीओ की जांच में पुष्टि

उपायुक्त ने की कार्रवाई मामला तूल पकड़ने पर बीडीओ शुभम बेला टोपनो ने कहा था कि मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासनिक जांच में वायरल वीडियो और ग्रामीणों के आरोप पूरी तरह सही पाए गए. जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बीएलओ जमीला बीबी को आंगनबाड़ी सेविका के पद से मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है.

ये भी पढ़ें: जंगल में बैठकर फर्जी APK से करते थे ठगी, गिरिडीह पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार

ये भी पढ़ें: ग्रेजुएट ट्रेंड टीचरों को मिलेगा समान वरीयता और अपग्रेड वेतन का लाभ, झारखंड हाईकोर्ट का आदेश


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Sweta Vaidya

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >