Garhwa News: जनसहभागिता और प्रशासनिक सहयोग से संचालित ‘आपन सरस्वतिया’ अभियान के तहत लगातार 18वें दिन भी सरस्वतिया नदी की सफाई, डी-सिल्टिंग और पुनर्जीवन का काम पूरी गति से जारी रहा. अभियान मुख्य रूप से पिपरा कला क्षेत्र में चलाया गया, जहां नदी के प्रवाह को सुचारू बनाने और नदी तटों की सफाई के लिए व्यापक स्तर पर काम किया गया. इस प्रयास में अब एक बेहद खूबसूरत और नया एंगल जुड़ गया है जो शहरवासियों को अपनी ओर बेहद आकर्षित कर रहा है.
जनसहयोग से बनेगा ‘सेल्फी प्वाइंट’
नदी सफाई के प्रयास में अब एक खूबसूरत और नया एंगल जुड़ गया है जो शहरवासियों को अपनी ओर बेहद आकर्षित कर रहा है. सरस्वतिया नदी के तटों को अब सिर्फ गंदगी से आजाद ही नहीं किया जा रहा है, बल्कि इसके सौंदर्यीकरण पर भी पूरा फोकस है. इसी कड़ी में अब आम लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों के जनसहयोग के माध्यम से नदी के किनारे आकर्षक ‘सेल्फी प्वाइंट’ बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य इस ऐतिहासिक नदी को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ शहर के युवाओं और परिवारों के लिए एक सुंदर पर्यटन और सुकून के पल बिताने वाले स्थल के रूप में विकसित करना है. इस योजना को लेकर स्थानीय युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
लोगों ने किया श्रमदान
महाअभियान के 18 वें दिन समाजसेवी विकास माली की प्रमुख भूमिका रही. उनके नेतृत्व और सहयोग से नदी क्षेत्र में सफाई और डी-सिल्टिंग काम को काफी गति मिली. अभियान के दौरान केवल हैवी जेसीबी मशीनों का ही सहारा नहीं लिया गया, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय श्रमिकों और जागरूक नागरिकों ने खुद कुदाल-फावड़ा उठाकर श्रमदान किया. इसी क्रम में विश्वकर्मा समाज के स्थानीय युवा रविंद्र विश्वकर्मा ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए अपना ट्रैक्टर निशुल्क उपलब्ध कराया, जिससे नदी से निकाले गए कचरे और गाद के निष्पादन में काफी सुविधा हुई.
स्थानीय लोगों ने की एसडीएम के लिए कही ये बात
इस सकारात्मक बदलाव को लेकर पूरे क्षेत्र में एक बेहद सकारात्मक चर्चा है. स्थानीय प्रबुद्ध जनों का कहना है कि अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार की यह पहल ठीक उसी तर्ज पर आगे बढ़ रही है जैसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में आजादी के आंदोलन के लिए कहा गया था-‘दे दी हमें आजादी बिना खड्ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल…’लोगों का मानना है कि एसडीएम संजय कुमार ने बिना किसी प्रशासनिक धौंस, तड़क-भड़क या दबाव के, अपनी शालीनता, पद की मर्यादा और सेवा भाव से गढ़वा के लोगों के दिलों को छुआ है. उनकी इसी सादगी और कर्तव्यनिष्ठा का असर है कि आज पूरा शहर बिना किसी कानूनी सख्ती के खुद ही सरस्वतिया नदी के संरक्षण के साथ उसके सौन्दर्यीकरण के दिशा में आगे बढ़ रहा है.
एसडीएम ने आभार व्यक्त किया
इस अभूतपूर्व सहयोग को देखकर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने अभियान में कंधा से कंधा मिलाकर चलने वाले सभी नागरिकों, समाजसेवियों एवं युवाओं के प्रति गहरी कृतज्ञता और आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि ‘आपन सरस्वतिया’ अभियान की सबसे बड़ी पूंजी और उपलब्धि समाज का यह बढ़ता हुआ जुड़ाव ही है. हर दिन समाज के हर वर्ग से लोग स्वेच्छा से आगे आकर सहयोग कर रहे हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि सरस्वतिया नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन की यह कोशिश आगे भी जारी रहेगी. जन-जन की सहभागिता से नदी को उसके प्राचीन और मूल स्वरूप में वापस लाने का लक्ष्य हर हाल में हासिल किया जाएगा.
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