गढ़वा: वंशीधर नगर में गो-तस्करी का भंडाफोड़, जंगल के रास्ते वधशाला ले जा रहे 4 आरोपी गिरफ्तार

गढ़वा के श्री वंशीधर नगर में गोवंशीय पशुओं को वधशाला ले जाने के आरोप में पुलिस ने चार तस्करों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया.

प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट

गढ़वा. श्री वंशीधर नगर थाना क्षेत्र के कोइंदी गांव के जंगल के रास्ते गोवंशीय पशुओं को चोरी-छिपे वधशाला ले जाने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी पशुओं को मारपीट कर अवैध तरीके से ले जा रहे थे. कार्रवाई थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार के नेतृत्व में की गई.

नगर ऊंटारी थाना में प्राथमिकी दर्ज

इस मामले में नगर ऊंटारी थाना कांड संख्या 186/2026, दिनांक 10 सितंबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, झारखंड गोवंशीय पशु वध अधिनियम की धारा 12 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

पशुओं को अवैध तरीके से ले जाते हुए पकड़ा

गिरफ्तार आरोपियों में नगर ऊंटारी थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव निवासी अनवर खान (37), शमशेर खान (21), कोइंदी गांव निवासी फजल हुसैन (35) और विशुनपुरा थाना क्षेत्र के पतिहारी गांव निवासी अली हुसैन (35) शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों को पशुओं को अवैध तरीके से ले जाते हुए पकड़ा गया. इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की.

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चारों आरोपी न्यायालय में पेश

कार्रवाई के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया. न्यायालय के आदेश पर सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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