2 लाख रुपए की लागत से बनेगी पीसीसी सड़क, ग्रामीणों को मिलेगी आवागमन में सहूलियत

जमुआ टोला में दो लाख की लागत से 150 फीट लंबी पीसीसी सड़क का शिलान्यास हुआ. इससे ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी. पूरी जानकारी यहां पढ़ें.

कांडी (गढ़वा): बलियारी पंचायत के जमुआ टोला में बुधवार को जिला परिषद मद से बनने वाली पीसीसी सड़क का शिलान्यास किया गया. जिला परिषद प्रतिनिधि दिनेश कुमार ने नारियल फोड़कर निर्माण कार्य की शुरुआत की. करीब 150 फीट लंबी इस सड़क का निर्माण लगभग दो लाख रुपए की लागत से कराया जाएगा.

सड़क निर्माण शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी

सड़क निर्माण कार्य शुरू होने से जमुआ टोला के ग्रामीणों में खुशी है. ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे. अब उनकी मांग पूरी होने पर लोगों ने प्रसन्नता जताई.

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जिला परिषद प्रतिनिधि दिनेश कुमार ने कहा कि जिला परिषद मद से गांवों की गलियों, नालियों और सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है. जमुआ टोला में भी ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही सड़क की मांग अब पूरी हो रही है. उन्होंने कहा कि राशि उपलब्ध होने पर पंचायत के अन्य गांवों में कच्ची सड़क, नाली और गली से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा.

बरसात में भी आवागमन होगा आसान

दिनेश कुमार ने कहा कि पीसीसी सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद बरसात समेत अन्य मौसम में ग्रामीणों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी. निर्माण कार्य अध्यक्ष विनोद राम और सचिव वीरेंद्र कुमार की देखरेख में कराया जा रहा है. मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण समेत अन्य लोग मौजूद थे.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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