घने कोहरे और ठंड से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

घने कोहरे और ठंड से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

By Akarsh Aniket | January 7, 2026 9:25 PM

प्रतिनिधि, रमना प्रखंड क्षेत्र में बुधवार सुबह से ही घने कोहरे और बढ़ती ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया. कोहरे की तीव्रता इतनी अधिक रही कि सुबह के समय कई इलाकों में केवल 10 मीटर तक ही दृश्यता थी. सड़कों, खेतों और मुख्यालयों में सफेद धुंध की मोटी परत छा जाने से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गये. घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर पड़ा. राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आये. दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं ट्रक और बस चालकों ने हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर बेहद धीमी गति से वाहन चलाते दिखे. कई स्थानों पर वाहन चालकों ने दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सड़क के किनारे अपने वाहन खड़े कर दिये, जिससे यातायात आंशिक रूप से बाधित रहा. कोहरे के कारण स्कूल जाने वाले शिक्षकों और कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं. बसों के देर से चलने और समय पर न पहुंचने के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा. ग्रामीण क्षेत्रों से प्रखंड मुख्यालय आने वाले लोगों को भी इस घने कोहरे का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा और भी कठिन हो गयी. घने कोहरे और बढ़ती ठंड का असर न केवल आम जनजीवन, बल्कि स्वास्थ्य पर भी देखने को मिला है. सर्द हवा और नमी के कारण बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ज्यादा परेशानी हुई है. सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है. ठंड से बचाव के लिए लोग सुबह-सुबह अलाव जलाकर तापते हुए नजर आये. कृषि और मजदूरों पर प्रभाव स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार पड़ रहे कोहरे ने रोजमर्रा के कामों को प्रभावित किया है. खेतों में काम करने वाले मजदूरों को देर से काम पर निकलने की मजबूरी हुई, जिससे उनके कार्यों में देरी हो रही है. हालांकि, दोपहर बारह बजे के बाद सूरज की हल्की किरणें देखने को मिलीं, लेकिन पूरे दिन भर लोग गर्म कपड़े पहने हुए नजर आये.

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