खजूरी नावाडीह को नगर पंचायत से अलग करने की मांग तेज
मांग पूरी नहीं होने पर वोट बहिष्कार की दी चेतावनी
मांग पूरी नहीं होने पर वोट बहिष्कार की दी चेतावनी प्रतिनिधि, मझिआंव (गढ़वा) मझिआंव नगर पंचायत अंतर्गत खजूरी नावाडीह पंचायत को शहरी क्षेत्र से अलग कर पुनः ग्रामीण क्षेत्र में शामिल करने की मांग तेज हो गयी है. मंगलवार को खजूरी गांव के लकड़ही टोला में ग्रामीणों की एक बड़ी बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता बिंदेश्वरी पाल ने की. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आगामी नगर पंचायत, लोकसभा और विधानसभा चुनाव में ग्रामीण सामूहिक रूप से मतदान का बहिष्कार करेंगे. बैठक को संबोधित करते हुए पद्म भूषण पाठक, पूर्व उपाध्यक्ष भारत कुमार कुशवाहा और इबरार खान सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि खजूरी, बीरबंधा, भूसुआ, आमर और बकोइया मूल रूप से कृषि प्रधान गांव हैं. वक्ताओं ने कहा कि नगर पंचायत में शामिल होने के बाद ग्रामीणों पर हाउस टैक्स, जल टैक्स जैसे शहरी करों का बोझ बढ़ गया है, जबकि बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि एक ही भूमि पर वे सरकार को राजस्व भी दे रहे हैं और नगर निकाय को टैक्स भी चुकाना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन कृषि क्षेत्र को शहरी नियमों में बांधना उनकी आजीविका पर सीधा हमला है. उन्होंने कहा कि प्रशासन पहले भी आश्वासन देकर वोट लेता रहा है, लेकिन इस बार ग्रामीण किसी भी बहकावे में नहीं आयेंगे. मांग पूरी नहीं होने पर किसानों ने धान और गेहूं बेचकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ने का संकल्प भी लिया. बैठक में फरीद खान, सत्येंद्र तिवारी, आकाश राम, सहदेव राम, चितरंजन पाल, विष्णु देव प्रजापति, मुकेश मेहता, उपेंद्र पाल, शाहिद खान, दिलीप सिंह, बलराज मेहता, मुस्तकीम खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
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