गढ़वा. भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की ओर से आयोजित सुगंधित व औषधीय पौधों की खेती संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन बुधवार को हुआ. समापन के अवसर पर प्रतिभागियों के बीच प्रमाण-पत्र वितरण किया गया. फैकल्टी मिथिलेश कुमार सिंह, रुस्तम अली व अभिषेक तिवारी ने प्रमाण पत्र का वितरण किया. मौके पर मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों के सफल भविष्य की शुरुआत है. उन्होंने कहा कि सुगंधित एवं औषधीय पौधों की खेती न केवल आय का सशक्त माध्यम है, बल्कि इससे परिवार के लिए आयुर्वेदिक उत्पाद तैयार किया जा सकता है. यह खेती लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी. उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में औषधीय पौधों की खेती शुरू करें. संस्थान उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराने में भी सहयोग करेगा. प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सुगंधित एवं औषधीय पौधों की उन्नत खेती, देखभाल, प्रसंस्करण व विपणन की जानकारी दी गयी.
सुगंधित व औषधीय पौधों की खेती आय का सशक्त माध्यम
सुगंधित व औषधीय पौधों की खेती आय का सशक्त माध्यम
