बाल विवाह अपराध, सभी पक्षों को हो सकती है सजा : मुरलीश्याम तिवारी

बाल विवाह अपराध, सभी पक्षों को हो सकती है सजा : मुरलीश्याम तिवारी

गढ़वा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार की तीन सदस्यीय पीएलवी टीम की ओर से गढ़वा के सीएम सोय कन्या उच्च विद्यालय में लीगल लिटरेसी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें पीएलवी मुरली श्याम तिवारी ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है. उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की व 21 से कम उम्र के लड़कों की शादी कराना अपराध है. यदि जबरन कोई शादी कराता है, तो शादी में शामिल होने वाले दोनों पक्ष के साथ-साथ बाराती, पंडित समेत अन्य लोगों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है. इसके अलावे उन्होंने बाल मजदूरी, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 ,बाल ट्रैफिकिंग, पालन पोषण देखरख अधिनियम के तहत गरीब, अनाथ, बेसहारा व विधवा के बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से मिलनेवाली चार हजार रुपये प्रति माह के बारे में विस्तार से जानकारी दी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार से मिलने वाले निःशुल्क कानूनी सहायता, भरण पोषण ,वाद-विवाद, का निपटारा समझौते के माध्यम से कराने के बारे में अवगत कराया गया. इस अवसर पर विद्यालय के सैकड़ों बच्चियां, शिक्षक-शिक्षिका आदि उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >