बड़गड़,गढ़वा: झारखंड और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित बरवाडीह-चिरमिरी रेल परियोजना को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है. राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने नयी दिल्ली में केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा.
पुराने मार्ग से रेल लाइन बनाने की मांग
सांसद ने रेल मंत्री से परियोजना के संशोधित मार्ग पर पुनर्विचार करते हुए रेल लाइन को पुराने ऐतिहासिक रूट से बनाने की मांग की. ज्ञापन में उन्होंने बताया कि इस परियोजना की नींव वर्ष 1932 में दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे ने रखी थी और 1936 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था. लेकिन अंग्रेजों के भारत छोड़ने के बाद यह योजना अधूरी रह गई.
वर्ष 1970 से क्षेत्र के लोग इस रेल लाइन को शुरू कराने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं. यह मुद्दा कई बार संसद में भी उठाया जा चुका है. सांसद ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद स्वर्गीय शिबू सोरेन, पूर्व सांसद व झारखंड विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी तथा पूर्व सांसद स्वर्गीय जोरावर राम ने भी इस रेल परियोजना को पूरा कराने के लिए रेल मंत्रालय से कई बार आग्रह किया था.
बलरामपुर को जंक्शन बनाने की मांग
सांसद ने बरवाडीह-बड़गड़-भंडरिया होते हुए बलरामपुर तक पुराने प्रस्तावित मार्ग पर रेल लाइन निर्माण तथा बलरामपुर को जंक्शन बनाने की मांग की.
सांसद के इस प्रयास का रेलवे संघर्ष समिति और क्षेत्र के लोगों ने स्वागत किया. सांसद का आभार व्यक्त करने वालों में समिति के आनंद प्रसाद, जयप्रकाश मिंज, जितेंद्र चंद्रवंशी, ओमप्रकाश, संदीप गुप्ता, बजरंग प्रसाद आदि शामिल हैं.
रेलवे संघर्ष समिति ने सांसद के प्रयास का स्वागत करते हुए आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया.
