गढ़वा: झामुमो ने मनाया वीर अब्दुल हमीद का 61वां शहादत दिवस, प्रतिमा पर अर्पित की श्रद्धांजलि

गढ़वा में परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद का 61वां शहादत दिवस मनाया गया. नेताओं ने उनके बलिदान को याद कर उन्हें नमन किया और युवाओं के लिए प्रेरणा बताया.

गढ़वा. झामुमो जिला कमेटी की ओर से गुरुवार को परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद का 61वां शहादत दिवस मनाया गया. इस अवसर पर मंझिआंव मोड़ स्थित उनकी प्रतिमा पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की और वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी.

देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी

मौके पर केंद्रीय समिति सदस्य जवाहर पासवान ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद का जीवन युवाओं के लिए देशभक्ति, त्याग और समर्पण की मिसाल है. उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए अब्दुल हमीद ने अपने प्राणों की आहुति दी, जिसे देश हमेशा याद रखेगा. वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में वीर अब्दुल हमीद ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के पैटन टैंकों को नष्ट किया था. देश की रक्षा करते हुए वह शहीद हो गये. उनका बलिदान पूरे देश के लिए गौरव और प्रेरणा का प्रतीक है.

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वीर अब्दुल हमीद अमर रहें के लगे नारे

कार्यक्रम में केंद्रीय समिति सदस्य तनवीर आलम, मनोज ठाकुर, महिला मोर्चा जिला सचिव दीपमाला, जिला उपाध्यक्ष संजय कसकर, कोषाध्यक्ष चंदन जायसवाल, गढ़वा प्रखंड अध्यक्ष फुजैल अहमद खान, संतोष केसरी, आशीष अग्रवाल, वसीम खान, वार्ड पार्षद राजा सिंह, रामजी राम, रंथा नायक, मिन्हाज समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने वीर अब्दुल हमीद अमर रहें के नारे लगाये और उनके देश के प्रति योगदान को याद किया.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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