पटमदा.
पोटका में भाई फोटा (भाई दूज) का त्योहार भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया. भाई फोटा एक प्राचीन भारतीय परंपरा है, जो भाई‑बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है. यह पर्व कालीपूजा के बाद आने वाली द्वितीया तिथि को मनाया जाता है, जिसे यम द्वितीया भी कहा जाता है. लोक कथाओं के अनुसार, इसी दिन मृत्यु के देवता यमराज की बहन यमुना ने अपने भाई को फोटा देकर उनकी दीर्घायु की कामना की थी. तभी से यह परंपरा आरंभ हुई, जिसमें बहन अपने भाई के माथे पर फोटा (चंदन तिलक) लगाकर उसकी लंबी उम्र और सुख‑समृद्धि का आशीर्वाद देती है. भाई फोटा में एक बंगला प्रवचन प्रचलित है. एक बहन एक भाई को फोटा देने के समय कहती है भाइयेर कपाले दिलाम फोटा. यमेर दुआरे पोड़लो कांटा, यमुना देय यम के फोटा, आमी दी आमार भाई के फोटा, यम जेमन हान चिरोजीवी, आमार भाई जेन होय चिरोजीवी एक भाई एक भाई को नाहा धो कर के नया कपड़ा पहनकर,चंदन की फोटा देती है, मिठाई खिलाती है, नया कपड़ा देती है और यमराज से भाई की दीर्घायु कामना करती है.
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