विभाग ने दो टन मांगुर मछलियों को किया नष्ट

जमीन मालिक व मछली पालन करने वाले व्यापारी के खिलाफ गालूडीह थाना में केस दर्ज किया गया है.

संवाददाता, गालूडीह

गालूडीह थाना के सीताडांगा गांव में बंगाल के व्यापारी द्वारा जमीन लीज पर लेकर छह तालाबों में प्रतिबंधित मांगुर मछली का पालन किया जा रहा था. 28 अप्रैल को पूर्वी सिंहभूम के एडीएम ने यहां छापामारी की थी, तो इसका खुलासा हुआ था. दो मई को जिला मत्स्य पदाधिकारी अलका पन्ना के नेतृत्व में टीम सीताडांगा पहुंची. तालाब से मछलियों को पकड़ कर बगल में गड्ढा खोदकर करीब दो टन मांगुर मछलियों को दफनाकर नष्ट कर दिया. जिला मत्स्य पदाधिकारी अलका पन्ना के साथ जिला मत्स्य प्रसार पदाधिकारी अमरेंद्र वर्मा भी सीताडांगा पहुंचे थे. अब भी तालाब में कुछ मछलियां बची हैं, इसे पकड़कर नष्ट करने का निर्देश दिया है. खबर है कि लकड़ी के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में एक ने अपनी जमीन प्रतिबंधित मांगुर मछली पालन के लिए बंगाल के व्यापारी को लीज पर दिया था.

तालाब का पानी किया जा रहा खालीशुक्रवार को मशीन लगाकर तालाब का पानी खाली किया जा रहा है. पानी खाली कर बची मांगुर मछलियों को नष्ट किया जायेगा. सीताडांगा गांव में लंबे समय से पश्चिम बंगाल का व्यापारी मो गफ्फार तालाब लीज पर लेकर प्रतिबंधित मांगुर मछली का पालन कर रहा था. एडीएम अनंत कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी विमद कुमार, बीडीओ यूनिका शर्मा और थाना प्रभारी कुमार इंद्रेश ने 28 अप्रैल को छापेमारी की थी. यहां छह तालाबों में लंबे समय से मांगुर मछली का पालन कर बिक्री की जा रही थी. इसकी सूचना मत्स्य पालन विभाग को मिली थी. जानकारी हो कि केंद्र सरकार और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मांगुर प्रजाति की मछली की बिक्री पर रोक लगा रखी है. थाई मांगुर प्रजाति की मछली मांस खाती है. इसके सेवन से कई गंभीर रोग हो सकते हैं. थाई मांगुर मछली स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.

———————————–जिला मत्स्य पालन विभाग ने लिखित शिकायत किया है. इस मामले में जमीन लीज पर देने वाले और मछली पालन करने वाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी.

कुमार इंद्रेश, थाना प्रभारी, गालूडीह

————————————–सीताडांगा में प्रतिबंधित मांगुर मछलियों का पालन किया जा रहा था. एक टन से अधिक प्रतिबंधित मांगुर मछलियों को नष्ट कर जमीन में दफना दिया गया है.

अलका पन्ना, जिला मत्स्य पदाधिकारी.

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