चाकुलिया. चाकुलिया प्रखंड में आठ लैंपस संचालित हैं. इसमें चाकुलिया लैंपस हेडक्वार्टर है. यह सबसे पुराना लैंपस है. लगभग 68 वर्ष पूर्व बना चाकुलिया हेडक्वार्टर लैंपस पूरी तरह से जर्जर है. इस लैंपस के पास अपना निजी फंड 48 लाख है. कमीशन का लगभग 83 लाख आज भी विभाग के पास बकाया है. बावजूद चाकुलिया हेडक्वार्टर लैंपस को सहकारिता विभाग द्वारा अनदेखी की जा रही है. 68 वर्ष पूरे होने के बावजूद जर्जर चाकुलिया लैंपस को आज तक नया भवन नहीं मिला, जबकि बाद में बने ग्रामीण क्षेत्र के लैंपसों को नया भवन मिल गया. चाकुलिया लैंपस के सचिव अरुण राय ने बताया कि कई बार उन्होंने विभाग के साथ पत्राचार किया, परंतु विभाग लगातार इसकी अनदेखी कर रहा है. कहा कि एक तरफ विभाग उन्हें नया भवन नहीं दे रहा है, दूसरी ओर चाकुलिया लैंपस का निजी फंड होने के बावजूद भवन मरम्मत के लिए विभाग द्वारा स्वीकृति तक नहीं दी जा रही है. इससे लैंपस के सदस्य परेशान हैं. जर्जर भवन होने के कारण किसानों के लिए पहुंचने वाली सामग्री भी यहां सुरक्षित नहीं है.
चाकुलिया में गोदाम का प्रस्ताव भेजा गया है : आशा टोप्पो
इस बारे में पूछे जाने पर जिला सहकारिता पदाधिकारी आशा टोप्पो ने बताया कि चाकुलिया हेडक्वार्टर में नया लैंपस भवन बनवाने तथा जर्जर भवन की मरम्मति का प्रस्ताव भेजा जा चुका है. बहुत जल्द गोदाम मिल जायेगा. चाकुलिया में जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया था. इस कारण भवन निर्माण को स्वीकृति दिलाने में देर हो रही थी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
