गालूडीह.
घाटशिला प्रखंड में सबरों के नाम पर पीएम जनमन आवास निर्माण योजना में बिचौलिया हावी हैं. सबर लाभुकों के बैंक खाते में राशि आये, पर बिचौलिया आवास बनाने के नाम पर पैसे लेकर फरार हो गया. ऐसे में आवास अधूरे पड़े हैं. सबर वर्षों पुराने जर्जर आवास में जान जोखिम में डाल रहने को विवश हैं. यह देखने वाला कोई नहीं है. घाटशिला प्रखंड की बड़ाकुर्शी पंचायत स्थित घुटिया सबर बस्ती के सबरों का सरकारी जनमन आवास का सपना अधूरा है. ठंड में उनकी मुश्किलें और बढ़ गयी है. वर्षों पुराने आवास में न खिड़की है न दरवाजे. सबर कंबल व प्लास्टिक टांग कर गुजारा करते हैं. सबरों ने बताया कि ठेकेदार ने आवास बनाने की बात कही. उसने पहली किस्त के 30 हजार रुपये ले लिए, लेकिन सिर्फ गड्ढा खोदकर पत्थर भरकर छोड़ दिया. बस्ती के मिथुन सबर, मंगली सबर, सुकू सबर, सुमित्रा सबर, कल्पना सबर, बुधु सबर, लूसी सबर के नाम प्रधानमंत्री जनमन आवास स्वीकृत हुए थे. उनके खाते में पहली किस्त की राशि 30-30 हजार रुपये आये. ठेकेदार ने आवास बना देने का आश्वासन दिया. सभी के खाते से पैसे लेकर फरार है. सबर लाभुक परेशान हैं. विभाग और प्रखंड के पदाधिकारी सबरों की समस्या पर मौन है. दारीसाई में कई जनमन आवास अधूरेदारीसाई सबर बस्ती में भी कई जन मन आवास अधूरे पड़े हैं. यहां शिवचरण सबर, कार्तिक सबर, रबनी सबर, रूदीना सबर, सुकूरमनी सबर, निसोदा सबर, मंगल सबर, अशोक सबर के नाम पर पीएम जनमन योजना के आवास की स्वीकृति मिली है. यहां भी बिचौलिया हावी है. प्रथम किस्त का पैसा लेकर फरार है. जिला से जब एक टीम यहां आयी थी सबरों ने इसकी शिकायत भी की, पर हुआ कुछ नहीं. आज भी आवास अधूरे पड़े हैंचडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
