Jugsalai Municipal Election, पूर्वी सिंहभूम: झारखंड में जब से नगर निकाय चुनाव की घोषणा हुई है तब से राज्य में सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है. भले ही यह चुनाव गैर दलीय हो रहा है लेकिन सभी प्रमुख पार्टियों ने अपने समर्थित प्रत्याशियों को जीताने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं. यही वजह है कि हर दिन किसी न किसी वजह से जिला प्रशासन के साथ किच किच हो रहा है. ताजा मामला जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र का है जहां अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रही कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी आरती चौधरी का नामांकन रद्द कर दिया गया है. दरअसल उनके तीन बच्चे हैं जबकि नियमावली के अनुसार जिन प्रत्याशियों के तीन बच्चे हैं वह चुनाव नहीं लड़ सकता है. हालांकि जिन लोगों का तीसरा बच्चा साल 2013 से पहले हुआ है उनके लिए यह नियम लागू नहीं है. पर्चा रद्द किये जाने के बाद से जुगसलाई के राजनीतिक गलियारों में राजनीतिक पारा चढ़ चुका है और यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.
प्रत्याशी आरती चौधरी ने दिया स्पष्टीकरण
इस पूरे मामले पर प्रत्याशी आरती चौधरी का कहना है कि उनके पहले एक संतान हुई थी और दूसरी बार जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ. उन्होंने स्पष्ट किया कि जुड़वा बच्चे के मामले में तीन बच्चों का प्रावधान लागू नहीं होता है और इसे सुप्रीम कोर्ट भी मान्यता दे चुका है.
एक ही क्षेत्र में दो नियम
आरती चौधरी ने आरोप लगाया कि जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में ही सदस्य पद के खड़े हुए एक उम्मीदवार के तीन बच्चे हैं. बावजूद उन्हें वैध ठहराया गया, जबकि अध्यक्ष पद के लिए उनका नामांकन रद्द कर दिया गया. उन्होंने इसे नियमों की खुली अनदेखी और भेदभावपूर्ण कार्रवाई बताया.
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इस बारे में क्या कहती हैं कांग्रेस प्रत्याशी
इस संदर्भ में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी का कहना है कि मुझे सबसे पहले एक बच्चा हुआ था. दूसरी जब मैं गर्भवती हुई तो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया. सुप्रीम कोर्ट के अनुसार ऐसे मामलों में तीन बच्चे का नियम लागू नहीं होता. फिर भी मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया, जबकि इसी क्षेत्र में दूसरे उम्मीदवार को इस परिस्थिति में वैध ठहराया गया है.
हाईकोर्ट जाने की तैयारी
आरती चौधरी ने कहा कि वह जिला प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी और न्याय के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगी.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश
कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी आरती चौधरी कांग्रेस के नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है. पार्टी नेताओं ने निर्वाची पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
क्या कहना है कि पूर्वी सिंहभूम के पूर्व जिला अध्यक्ष का
इस बारे में जब प्रभात खबर के प्रतिनिधि ने कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष से बीत की तो उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण रवैया बताया है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से नियमों की गलत व्याख्या और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई है. एक ही क्षेत्र में अलग-अलग नियम लागू करना लोकतंत्र के साथ मजाक है.
आनंद बिहारी दुबे, पूर्व जिलाध्याक्ष पूर्वी सिंहभूम
क्या कहता है पूर्वी सिंहभूम का जिला प्रशासन
जब प्रत्याशी के आरोप को लेकर जिला निर्वाची पदाधिकारी से बात करने की कोशिश की गयी तो उन्होंने कैमरे के सामने बयान देने से इनकार कर दिया. हालांकि उनका कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है. अन्य मामलों में उम्मीदवार को वैध ठहराए जाने के सवाल पर उन्होंने स्थिति स्पष्ट करने से इनकार कर दिया है.
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