East Singhbhum News : मातृभाषा को समृद्ध करना समय की मांग : प्रो लखाई बास्के
भाषा का सम्मान करना ही अपनी संस्कृति को जीवित रखना है
By ATUL PATHAK | Updated at :
पोटका. पोटका प्रखंड के गितीलता स्थित रंभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन और रंभा कॉलेज के भाषा विभाग द्वारा शनिवार को संयुक्त रूप से ””””अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस”””” मनाया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संताली साहित्यकार असिस्टेंट प्रो लखाई बास्के उपस्थित थे.
मातृभाषा के प्रयोग और सम्मान पर जोर
मुख्य अतिथि प्रो लखाई बास्के ने कहा कि मातृभाषा हमारी पहचान है. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी मातृभाषा से केवल प्रेम न करें, बल्कि उसका निरंतर प्रयोग कर उसे समृद्ध भी बनायें. उन्होंने कहा कि अपनी भाषा का सम्मान करना ही अपनी संस्कृति को जीवित रखना है. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी मातृभाषा में शानदार प्रस्तुतियां देकर सबका मन मोह लिया. हो भाषा में प्रिया पूर्ति ने मधुर गीत सुनाया, जबकि लक्ष्मी और भवानी ग्रुप ने सामूहिक प्रस्तुति दी. संताली भाषा में दुलारी मार्डी और सोनिया ग्रुप ने अपनी भाषा की समृद्धि को मंच पर रखा. वहीं बांग्ला भाषा में मनीषा गोप ने सुंदर प्रस्तुति दी. कॉलेज के प्राध्यापकों ने अलग-अलग भाषाओं में मंच से अपनी मातृभाषा के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त कर एक अनूठी मिसाल पेश की. प्राचार्या डॉ कल्याणी कबीर ने मगही, डॉ सुमन लता ने मैथिली, असिस्टेंट प्रो शीतल कुमारी ने भोजपुरी, डॉ भूपेश चंद ने अवधि, डॉ गंगा भोला ने उड़िया, असिस्टेंट प्रो अमृता सुरेन ने मुंडारी, असिस्टेंट प्रो मंजू गागराई ने हो, प्रकाश सिंह ने भूमिज भाषा में तथा डॉ किशन कुमार शर्मा ने मारवाड़ी भाषा में मंच से मातृभाषा के प्रति अपना प्रेम और सम्मान प्रदर्शित किया.