चाकुलिया. चाकुलिया में मोंथा का खास असर नहीं देखा गया. मंगलवार को 14.4 मिमी और बुधवार को 16.6 मिमी वर्षा हुई जो जहां कुल 31 मिमी वर्षा हुई. जिससे खड़ी फसलें सुरक्षित हैं क्योंकि हवा तेज नहीं चली. जिन किसानों ने पहले ही धान की कटाई कर खेत में रखी थी, उनकी फसलें भीग गयी. गुरुवार को किसानों ने भीगे हुए धान को खेतों से निकालकर मेड़ों पर सुखाया. प्रखंड कृषि पदाधिकारी शिवानंद घटवारी ने पुष्टि की कि मोंथा साइक्लोन चाकुलिया क्षेत्र में बेअसर रहा. वर्षा थमने के बाद किसान फिर से धान की कटाई में जुट गये हैं.
चाकुलिया के किसानों के लिए लैंपस में पहुंचा 300 क्विंटल गेहूं बीज
एक तरफ धान के फसलों की कटाई चल रही है तो दूसरी तरफ किसान अब रबी की फसल लगाने की तैयारी में हैं. किसानों को देखते हुए सरकार ने समय पर गेहूं के बीज लैंपस को उपलब्ध करा दिये हैं. चाकुलिया लैंपस को 300 क्विंटल गेहूं के बीज प्राप्त हुए हैं. चाकुलिया लैंपस प्रखंड का हेड क्वार्टर है. यहां से प्रखंड के पांच व बहरागोड़ा के एक लैंपस को गेहूं बीज उपलब्ध कराए जाते हैं. रुपुषकुंडी लैंपस को 100 क्विंटल, मुटुरखाम को 50 क्विंटल, केरुकोचा को 50 क्विंटल, जोडाम को 40 क्विंटल, चाकुलिया को 30 क्विंटल तथा मुटुरखाम 2 को 30 क्विंटल गेहूं वितरण के लिए दिया गया है. गेहूं का 40 किलो का बैग है. प्रत्येक बैग की कीमत 800 रुपये है.सैंपल का जांच रिपोर्ट मिलेगी तब शुरू होगा बीज का वितरण:
लैंपस में गेहूं बीज पहुंचने के बाद गेहूं का सैंपल जांच के लिए जिला कार्यालय भेज दिया गया है. बीटीएम दिलेश्वर महतो ने बताया कि लगभग सभी बोरे से सैंपल एकत्र की गयी है. इसे जांच के लिए जिला कार्यालय भेजी गयी है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही गेहूं बीज वितरण का काम शुरू किया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
