चाकुलिया.
चाकुलिया वन क्षेत्र अंतर्गत जामुआ पंचायत के माचाडीहा गांव में जंगली हाथियों के उत्पात से किसान हताश व परेशान हैं. लगभग एक दर्जन जंगली हाथियों का झुंड जमुआ के जंगल में शरणागत है. किसानों ने बताया कि शाम होते ही हाथी धान के खेतों में पहुंच जाते हैं. रात भर धान की फसलों को खाकर व रौंदकर बर्बाद करते हैं. वहीं, सुबह जंगल की और लौट जाते हैं. पिछले तीन दिनों में हाथियों ने माचाडीहा गांव के सुनाराम मुर्मू, माही मुर्मू, सलमा मुर्मू, चुरपाराम मुर्मू के धान की फसल को पैरों से बुरी तरह से रौंद डाला. किसानों ने बताया कि उनके धान की फसल पूरी तरह से पक चुकी थी. अब फसल काटने की तैयारी चल रही थी. इस बीच जंगली हाथियों का लगातार उत्पात शुरू हो गया. किसानों ने बताया कि जंगली हाथियों के उत्पात के कारण उन्हें काफी नुकसान हुआ है. वर्ष में एक बार ही धान की फसल उगाते हैं. इससे प्राप्त चावल का सारे वर्ष भोजन के रूप में उपयोग किया जाता है. हाथियों द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाने की सूचना पाकर वन विभाग की टीम पहुंची. वन कर्मियों ने किसानों को फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा फॉर्म उपलब्ध कराया. किसानों से कहा कि क्षतिपूर्ति मुआवजा आवेदन को भरकर वन विभाग के कार्यालय में जमा करें. जल्द से जल्द क्षतिपूर्ति दिलाने का प्रयास किया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
