डुमरिया डुमरिया प्रखंड में मलेरिया के मरीज लगातार मिल रहे हैं. दरअसल, पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण प्रखंड में मलेरिया का प्रकोप हर साल रहता है. हालांकि, बरसात के बाद मलेरिया के मरीजों की संख्या में कमी आती है. इस बार कमी नजर नहीं आ रही है. गुरुवार को बारुनिया गांव निवासी 35 वर्षीय चामटु सबर अपने पुत्र मिठुन सबर (9) को लेकर डुमरिया सीएचसी पहुंचे. सीएचसी के चिकित्सक डॉ कल्याण महतो ने मिठुन सबर की जांच की, तो मलेरिया निकला. चिकित्सक ने संदेह के आधार पर मरीज के पिता चामटू सबर के खून की जांच की. वे भी मलेरिया से ग्रसित पाये गये. दोनों को सीएचसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है. वहीं, कुंडालूका गांव के सुभाष पूर्ति के 7 वर्षीय पुत्र गंगोत्री पूर्ति और 12 वर्षीय सुशीला सिंह मलेरिया से ग्रसित होकर इलाजरत है.
मलेरिया जोन के गांवों में नहीं हुआ कीटनाशक छिड़काव
डुमरिया प्रखंड में मलेरिया जोन के रूप में चिह्नित गांवों में इस बार कीटनाशक का छिड़काव नहीं हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि संभवत: इसी कारण मलेरिया का प्रकोप ज्यादा देखा जा रहा है. इस बार मलेरिया जोन में भी छिड़काव नहीं किया गया. विभाग ने पिछले साल कीटनाशक का छिड़काव करने वाले मजदूरों को आज तक मजदूरी नहीं दी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
