बहरागोड़ा. राज्य के मुंडारी शिक्षाविदों और छात्र-छात्राओं ने बहरागोड़ा महाविद्यालय में मुंडारी विषय में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई शुरू कराने की मांग पर एक मांग पत्र सौंपा है. इसमें कहा गया कि बहरागोड़ा कॉलेज से मुंडारी विषय में स्नातक करने वाले विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए 200 किलोमीटर दूर रांची जाना पड़ता है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर पीजी की सुविधा उपलब्ध नहीं है.
बहरागोड़ा क्षेत्र में करीब 80 से 90 मुंडा बहुल गांव हैं, जहां के अनेक छात्र-छात्राएं मुंडारी में उच्च शिक्षा पाना चाहते हैं. आर्थिक रूप से कमजोर मुंडा समाज के परिवारों के लिए रांची में रहकर पढ़ाई का खर्च वहन करना बेहद मुश्किल है. इस वजह से कई होनहार छात्र स्नातक के बाद पढ़ाई छोड़ने को विवश हो जाते हैं. इस अवसर पर मुख्य रूप से विनोबा भावे विश्वविद्यालय के मुंडारी विभाग के व्याख्याता बिरसा पूर्ति, शोधार्थी सुनीता तीदू, सत्यनारायण मुंडा, बिनाधर सनडील, नीयरेज हेरेंज, अमिता मुंडा, झनू मुंडा, लोदो मुंडा, शक्ति पद सिंह और अजय मुंडा समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे.
