East Singhbhum News : स्वच्छ पेयजल हुआ सपना, भटक रहे लोग

घाटशिला शहरी पंचायत में जल संकट, उप चुनाव में बना था मुद्दा, समाधान के लिए नहीं हो रही पहल

प्रतिनिधि, घाटशिला

घाटशिला शहरी पंचायत में जल संकट गंभीर समस्या है. उप चुनाव में पानी की किल्लत मुख्य मुद्दा बना था. राजस्टेट, मुस्लिम बस्ती, चालकडीह, भुइयांपाड़ा, बाबूपाड़ा, गोराइपाड़ा समेत कई गांवों व टोलों के ग्रामीण लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जल संकट को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और जल स्वच्छता विभाग तक अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है.

14वें वित्त आयोग से बनी जलमीनारों में अधिकतर खराब

कालिंदी और बेहरा पाड़ा में वर्ष 2015-16 में 14वें वित्त आयोग से कई जलमीनार लगी थी. आंधी-तूफान और रखरखाव के अभाव में अधिकतर जलमीनार खराब है. उप मुखिया शंकर बेहरा ने बताया कि जल संकट को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगायी गयी, परंतु कोई समाधान नहीं निकला.

ब्लूप्रिंट तैयार, मांग को स्वच्छता मंत्री के समक्ष रखेंगे : मुखिया

घाटशिला के मुखिया प्रफुल्ल हांसदा ने बताया कि कई इलाकों में स्थिति गंभीर है. जल संकट दूर करने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है. इसे स्थानीय विधायक और जल स्वच्छता मंत्री के समक्ष रखा जायेगा. कई जलमीनार की मरम्मत आवश्यक है. नियमित जलापूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है. समस्या गंभीर होती जा रही है.

मुस्लिम बस्ती में पांच वर्षों से नल-जल योजना बंद, कुआं के भरोसे ग्रामीण

मुस्लिम बस्ती के सचिव अब्दुल गफ्फार ने बताया कि दाहीगोड़ा जलमीनार से पर्याप्त पानी मिलता था. पिछले 5 वर्षों में मुस्लिम बस्ती में पानी की आपूर्ति बंद है. ग्रामीण कुओं पर निर्भर हैं. राजस्टेट में एक नयी पानी टंकी की आवश्यकता है. जबतक टंकी नहीं बनेगी, इलाके का जल संकट दूर नहीं होगा.

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Published by: Akash

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