East Singhbhum News : दुखू का बैल अव्वल, भोगान दूसरे स्थान पर

घाटशिला. बनटोला में सोहराय पर गोरू खूंटाव का आयोजन, परंपरा में दिखी एकजुटता

घाटशिला. घाटशिला प्रखंड की काशिदा पंचायत स्थित आदिम विकास पुस्तकालय फुटबॉल मैदान बनटोला (चेंगजोड़ा) में देश बांदना कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसी के साथ सोहराय पर्व का पारंपरिक ढंग से समापन हुआ. कार्यक्रम का आयोजन मांझी बाबा राम किशोर मुर्मू के नेतृत्व में बनटोला ग्रामसभा द्वारा किया गया. पर्व के अंतिम दिन मवेशियों को खूंटे से बांधकर पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से उत्सव मनाया गया. इस दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बैल मालिकों को सम्मानित किया गया. दुखू टुडू को प्रथम, भोगान सोरेन को द्वितीय, ईश्वर हांसदा को तृतीय और दुलाल मुर्मू को चतुर्थ पुरस्कार प्राप्त हुआ. सभी विजेताओं और 20 प्रतिभागियों को ग्राम सभा की ओर से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में उपस्थित जिप सदस्य देवयानी मुर्मू ने कहा कि सोहराय झारखंड का महान लोकपर्व है. यह सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है. इस पर्व में पशुधन की पूजा की जाती है. मौके पर शांखो मुर्मू, गोपीनाथ मुर्मू, फुलमनी मुर्मू, मंगल मुर्मू, हरिहर हेंब्रम, बिशू टुडू, ईश्वर हांसदा, रामसाई सोरेन, दुलाल मुर्मू, भादो मांडी, लखन मुर्मू, सुदाम मुर्मू, जुझार सोरेन, श्याम मुर्मू, फागु मुर्मू समेत ग्रामीण उपस्थित थे.

ग्रामीणों ने पूजा कर क्षेत्र की खुशहाली मांगी

घाटशिला. घाटशिला प्रखंड के गोपालपुर गांव में बुधवार को पारंपरिक उत्सव गोट पूजा आयोजित की गयी. नायके बाबा मंगल हेंब्रम ने विधि-विधान के साथ ईष्ट देव मारांग बुरु व जाहेर आयो मोड़े की पूजा कर क्षेत्र के लोगों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की. मालूम हो कि गोट पूजा में बैलों और गायों की पूजा की जाती है. साथ ही ग्रामीण आगामी कृषि सत्र में अच्छी फसल की कामना भी करते हैं. पूजा के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ नृत्य किया और सामूहिक रूप से देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया. मौके पर ग्राम प्रधान सुनील हेंब्रम, दशरथ हांसदा, सुकु मुर्मू, पाराणिक गुम्दी हेंब्रम, मुखिया प्रतिनिधि सुखलाल हांसदा, शंकर हांसदा, सीताराम मुर्मू, नगेन टुडू, खेला हेंब्रम, बबलू महतो, सुनील हांसदा, मानसिंह हेंब्रम, सागर हेंब्रम, नारायण सोरेन, मनोज सोरेन, विधु मुर्मू समेत कई ग्रामीण उपस्थित थे.

किसानों ने गोहाल और बैलों की पूजा की

गुड़ाबांदा. गुड़ाबांदा प्रखंड में बांदना और सोहराय पर्व की धूम है. कुड़मी समाज बांदना, तो आदिवासी समाज सोहराय पर्व मना रहा है. यह पर्व खेती, किसानी और पशुधन से जुड़ा पर्व है. गाय- बैलों को सिंग में तेल लगाकर पूजन कर आरती उतारी गयी. गुरुवार को गोरू खूंटाव का आयोजन होगा.

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Author: ATUL PATHAK

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