East Singhbhum News : भालुकनाला में फैला डायरिया, 14 मरीजों में दो की हालत गंभीर

आज फिर गांव में जाकर लोगों की जांच करेगी टीम, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव होगा

– चाकुलिया. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर जांच कीचाकुलिया. चाकुलिया प्रखंड की बर्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत स्थित भालुकनाला गांव डायरिया की चपेट में है. गांव में लगभग एक दर्जन से अधिक लोग डायरिया से आक्रांत हैं. सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम और जिप सदस्य धरित्री महतो व पूर्व जिप सदस्य जगन्नाथ महतो पहुंचे. टीम ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की. इस क्रम में लगभग 14 लोग डायरिया से आक्रांत मिले. मरीजों को दस्त और उल्टी की शिकायत है. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों का इलाज शुरू किया. एक मरीज का इलाज चाकुलिया सीएचसी में चल रहा है. 45 वर्षीय महिला कोंकी मुंडा व 55 वर्षीय महिला पूर्णिमा हांसदा की हालत गंभीर बतायी जा रही है. उन्हें सीएचसी आने की सलाह दी गयी. इसके अलावा 40 वर्षीय सोमाय मुंडा, 32 वर्षीय शिवानी मुंडा, 45 वर्षीय लखिंदर मुंडा, 45 वर्षीय बुधु मुंडा तथा 5 वर्षीय मुकेश मुंडा समेत कई लोग डायरिया की चपेट में हैं. शनिवार को सभी का प्राथमिक इलाज किया गया. रविवार को टीम फिर से भालुकनाला गांव पहुंचेगी, जहां व्यापक स्तर पर इलाज की व्यवस्था की जायेगी. आनन-फानन में टीम के पहुंचने के कारण मरीज को सेलाइन भी नहीं दिया जा सका है. स्वास्थ्य विभाग की टीम में तड़ित महतो, विकास गिरि, एएनएम रीता सिन्हा, सहिया साथी प्रमिला मुर्मू आदि शामिल थे.

जलमीनार खराब, एक साल से कुआं का पानी पी रहे थे ग्रामीण

गांव में एक वर्ष से सोलर जलमीनार खराब है. ग्रामीण गांव के एक कुआं का पानी पीते हैं. कुआं गंदा है. कुआं का पानी पीने के कारण लोग डायरिया के शिकार हुए हैं. जानकारी पाकर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम के पास ब्लीचिंग पाउडर भी नहीं था. टीम के सदस्यों ने बताया कि रविवार को कुआं में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जायेगा.

जिप बैठक में शिकायत के बाद भी जलमीनार दुरुस्त नहीं हुई : धरित्री महतो

जिला परिषद सदस्य धरित्री महतो ने कहा कि विगत 19 अक्तूबर को जिला परिषद की बैठक जमशेदपुर में हुई थी. बैठक में भालुकनाला में सोलर जलमीनार खराब होने की लिखित शिकायत दर्ज की थी. एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद उस पर कोई पहल नहीं हुई. जिप सदस्य धरित्री महतो ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जिला परिषद के बैठक में मुद्दा उठने के बावजूद एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं होना पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों की उदासीनता को दर्शाती है. सोलर जलमीनार दुरुस्त हो जाती, तो लोग डायरिया की चपेट में नहीं आते.

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Author: ATUL PATHAK

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