घाटशिला.
घाटशिला प्रखंड की कालचिती पंचायत स्थित बासाडेरा गांव चारों तरफ से पहाड़ से घिरा है. यहां लगभग 150 परिवारों में करीब 1500 आबादी है. गांव के लोग मुख्य रूप से खेती-किसानी पर निर्भर हैं. सिंचाई की सुविधा नहीं होने के बावजूद ग्रामीण धान, सब्जी और अन्य फसलों की खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं. किसान धनंजय सिंह ने बताया कि वह और उनके भाई लखीचरण सिंह सहित कुल चार परिवार पूरी तरह कृषि पर निर्भर हैं. बरसात में डेढ़ बीघा में मकई और एक बीघा में नेनुआ की खेती की थी. अधिक वर्षा से फसल को भारी नुकसान पहुंचा. वर्तमान में 10 कट्ठा में मूली की खेती की है. बाजार में 25 रुपये प्रति किलो बिक रही है. वहीं, एक बीघा में फूलगोभी, एक बीघा में बंधा गोभी और 10 कट्ठा में टमाटर की खेती की है. धनंजय सिंह ने बताया कि बरसात में उसरा घाटी पहाड़ से बहने वाले पानी से खेती हो जाती है. वहीं, गर्मी में सिंचाई की भारी समस्या हो जाती है. गांव में सिंचाई की स्थायी व्यवस्था हो जाये, तो यहां के किसान और आस पास के ग्रामीण बेहतर तरीके से खेती कर अधिक उत्पादन कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि खेतिहर पेशा जोखिम भरा है. कृषि जुआ है. कभी फसल होती है और कभी नुकसान हो जाता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
