हाथियों के भय से रात में सो नहीं पा रहे ग्रामीण

खेत में लगायी गयी मकई और लौकी की फसल को रौंदी... वन विभाग की पहल पर हाथी भगाने वाले दल को लगाया गया घाटशिला :घाटशिला रेंज के बंगाल और झारखंड सीमावर्ती क्षेत्र दामपाड़ा के पहाड़ के नीचे रहने वाले ग्रामीण हाथियों के कारण दहशत में जी रहे हैं. दिन में हाथियों का झुंड पहाड़ों की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 11, 2019 2:27 AM

खेत में लगायी गयी मकई और लौकी की फसल को रौंदी

वन विभाग की पहल पर हाथी भगाने वाले दल को लगाया गया

घाटशिला :घाटशिला रेंज के बंगाल और झारखंड सीमावर्ती क्षेत्र दामपाड़ा के पहाड़ के नीचे रहने वाले ग्रामीण हाथियों के कारण दहशत में जी रहे हैं. दिन में हाथियों का झुंड पहाड़ों की तलहट्टी पर विचरण करता है. वहीं रात होते ही पहाड़ों से उतर कर गांव में घुस जाते हैं. रेंज की डायनमारी, बासाडेरा, पुनगोड़ा, चेकाम, युक्तिडीह, बुरुडीह और दीघा के आसपास ग्रामीण रात में हाथियों के भय से सो नहीं पाते हैं.

बीते 9 और 10 अगस्त की रात में 15 हाथियों का झुंड ग्रामीण क्षेत्रों की रुख किया. चेकाम के लखी चरण महतो ने बताया कि बीते 9 और 10 अगस्त की रात 15 हाथियों का झुंड आया था. इन क्षेत्रों में हाथी का झुंड उतरने के बाद खेत में लगायी गयी मकई और लौकी की फसल को रौंद दी. इसके बाद रात भर हाथी चेकाम के आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं.

डेढ़ माह से क्षेत्र में घूम रहे हैं हाथी

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड एक डेढ़ माह से इन क्षेत्रों में भ्रमण कर रहा है. दामपाड़ा क्षेत्र के पुनगोड़ा गांव निवासी सिदो नाथ मुर्मू ने बताया कि झारखंड व पश्चिम बंगाल की सीमावर्ती बेलपहाड़ी थाना क्षेत्र के काकड़ाझोड़ के आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग की पहल पर हाथी भगाने वाले दल को लगा कर रखा गया है. इसके कारण झारखंड सीमावर्ती क्षेत्र से हाथियों का झुंड पश्चिम बंगाल के जंगलों की ओर नहीं जा रहा है.