धालभूमगढ़. आदिवासी भूमिज समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के पदाधिकारी व समाज सेवियों की बैठक बुधवार को वन विश्रामागार में बलराम सिंह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में सभी 24 भूमिज गांवों के हातु सरदार, लाया देवरी व डाकुआ उपस्थित थे. बैठक में अखिल भारतीय आदिवासी भूमिज समाज के प्रदेश अध्यक्ष सह पोटका के डोमजुड़ी हातु सरदार रथू सिंह सरदार, डोकरशाही के हातु सरदार सह सचिव सोनाराम भूमिज, प्रखंड अध्यक्ष सह केंद्रीय सदस्य सुनील सरदार, केंद्रीय सचिव रविंद्र नाथ सिंह, सहसचिव बलराम सिंह व पूर्व प्रमुख जतिंद्र नाथ सिंह उपस्थित थे. बैठक में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने पर विचार विमर्श किया गया. प्रदेश अध्यक्ष ने भाषा, संस्कृति, पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को संरक्षित करने और नयी पीढ़ी को समाज के रीति-रिवाज संस्कृति के बारे में परिचित कराने की बात कही. निर्णय हुआ कि आगामी 5 अप्रैल को दिशुआ हादी बोंगा सरहुल पूजा चारचक्का मौजा में होगी. अपने-अपने गांव में हाड़शाली श्मशान स्थल को चहारदीवारी निर्माण कर संरक्षित किया जाये. बैठक में नरेंद्र सिंह, टीकाराम सिंह, युधिष्ठिर सिंह, वीर सिंह, तारिणी सिंह, गोपाल सिंह, बावरी सिंह, रामेश्वर सिंह, बिजन सरदार, मंगल सिंह, अर्जुन सिंह, रामेश्वर सिंह, दीपक सिंह, मथुर सिंह, भरत चंद्र दिगार, महेश्वर सरदार, मंगल दिगार आदि उपस्थित थे.
East Singhbhum News : भूमिज समाज का व्यवस्था की मजबूती पर जोर
पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को संरक्षित करने और नयी पीढ़ी को समाज के रीति-रिवाज संस्कृति के बारे में परिचित कराने की बात कही
